अपहरण और पाक्सो एक्ट का फरार आरोपी संतोष पटेल ‘देवास’ से दबोचा गया; एसपी दिलीप सोनी की रणनीति ने किया तस्करों और अपराधियों में खौफ!

मऊगंज | “अपराधी चाहे पाताल में भी क्यों न छिप जाए, कानून के हाथ उस तक पहुँच ही जाते हैं।” इस कहावत को मऊगंज पुलिस ने सच कर दिखाया है। नाबालिग के अपहरण, बलात्कार और पाक्सो एक्ट जैसे जघन्य अपराधों में फरार चल रहे 5000 रुपये के इनामी आरोपी संतोष उर्फ पप्पू पटेल को मऊगंज पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में देवास जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
मामला 17 अगस्त 2025 का है, जब मऊगंज थाने में अपहरण और गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। मामले का एक आरोपी पंकज सोनी पहले ही जेल भेजा जा चुका था, लेकिन मुख्य आरोपी संतोष पटेल घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी नागालैंड, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे दूरदराज के राज्यों में अपनी पहचान छुपाकर फरारी काट रहा था। मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने इस पर 5000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
मुखबिर तंत्र और सायबर सेल की मदद से मऊगंज पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश के देवास जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संदीप भारतीय के नेतृत्व में टीम ने तत्काल दबिश दी और आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक संदीप भारतीय, उपनिरीक्षक प्रज्ञा पटेल, प्रधान आरक्षक धीरेंद्र सिंह, आरक्षक शशिकांत, सुरेश यादव, प्रमोद पटेल, जयप्रकाश तिवारी और सायबर सेल के प्र.आर. विमल कुशवाहा, आर. भावेश द्विवेदी व नितिन शुक्ला का सराहनीय योगदान रहा।













