मैहर की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने माँ शारदा की नगरी में चल रहे ‘सिस्टम’ पर तीखे सवाल उठाए हैं। अवैध खनन से लेकर मंदिर में जारी ‘कटोरा प्रथा’ तक, त्रिपाठी के पत्र ने कलेक्टर कार्यालय के होश उड़ा दिए हैं।

मैहर: मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मैहर में जनसमस्याओं को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है। पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने कलेक्टर महोदया को एक ऐसा पत्र लिखा है जिसमें मैहर की उन समस्याओं को उजागर किया गया है जिन्हें अब तक ‘दबाया’ जा रहा था।
माँ शारदा मंदिर में ‘अनैतिकता’ पर वार!
नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट मांग की है कि मंदिर के गर्भगृह में अनियंत्रित प्रवेश को तत्काल रोका जाए। सबसे बड़ा हमला उन्होंने ‘कटोरा प्रथा’ पर किया है, जहाँ पुजारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से दान लिया जाता है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया है कि माँ के द्वार पर आने वाले भक्तों की श्रद्धा का सौदा क्यों हो रहा है?
रोपवे और विस्थापन पर घेरा
त्रिपाठी ने रोपवे व्यवस्था को ‘ठेकेदारी प्रथा’ से मुक्त कर एक सरकारी समिति के अधीन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैहर के स्थानीय लोगों को आधार कार्ड दिखाकर रोपवे की सुविधा निःशुल्क या कम दाम पर मिलनी चाहिए। साथ ही, विकास के नाम पर फूल-माला बेचने वाले गरीबों को उजाड़ने की कोशिश पर सरकार को कड़ी चेतावनी दी है।

अवैध खनन और होटलों में ‘अनैतिक’ खेल
पत्र में सिर्फ मंदिर ही नहीं, बल्कि जिले में चल रहे अवैध रेत कारोबार और ओवरलोड परिवहन पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा, मैहर शहर के होटलों में फल-फूल रही अनैतिक गतिविधियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कलेक्टर से ‘क्लीन मैहर’ की अपील की है।
नारायण त्रिपाठी का यह पत्र सीधे जनता की नब्ज पर हाथ रखने जैसा है। क्या कलेक्टर महोदया इन ज्वलंत मुद्दों पर एक्शन लेंगी या यह पत्र भी सरकारी फाइलों में दब जाएगा? मऊगंज और मैहर की जनता अब जवाब चाहती है।












