
मऊगंज (हनुमना)। ग्रामीण अंचलों में जल संकट को जड़ से समाप्त करने और जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ‘जल स्वावलंबी ग्राम योजना’ अब धरातल पर उतरने लगी है। इसी क्रम में हनुमना जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सुरभि श्रीवास्तव ने आज क्षेत्र का तूफानी दौरा किया और प्रस्तावित विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।
मौके पर पहुँचकर परखी जमीनी हकीकत निरीक्षण के दौरान सीईओ श्रीवास्तव ने उन चिन्हित तालाबों का जायजा लिया जिनका जीर्णोद्धार किया जाना है। साथ ही, उन्होंने उन नालों का भी तकनीकी परीक्षण करवाया जहाँ भविष्य में चेक डैम और स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या है मास्टर प्लान? गांवों को जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस योजना के तहत निम्नलिखित कार्यों पर जोर दिया जा रहा है:
-
जल संरचनाएं: नालों पर चेक डैम और स्टॉप डैम का निर्माण ताकि बहते पानी को रोका जा सके।
-
तालाबों का उद्धार: पुराने और सूख चुके तालाबों की खुदाई और गहरीकरण।
-
रिचार्ज पिट: भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए रिचार्ज पिट की स्थापना।
तकनीकी उपयुक्तता पर जोर फील्ड विजिट के दौरान सीईओ ने इंजीनियरों और संबंधित अमले को निर्देशित किया कि स्थलों का चयन पूरी तरह से तकनीकी मापदंडों के आधार पर हो, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों को पीने के पानी और सिंचाई के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।












