पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर पसरा मातम; रील बनाने के जुनून ने छीनीं 3 मासूम जिंदगियां, मौके पर मिला गन लाइटर

मऊगंज। आज के दौर में रील बनाने का जानलेवा शौक मऊगंज के तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन गया। पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बाइक सवार युवक तेज रफ्तार में रील बना रहे थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ा और वे मौत के काल में समा गए।
एक ही ट्रेलर… दो हादसे… 5 शिकार!
यह हादसा इतना भयावह था कि पल्सर 220 पर सवार तीनों युवक— उपलक्ष्य कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17)—सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से इतनी जोर से टकराए कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लापरवाही की पराकाष्ठा यहीं खत्म नहीं हुई; ठीक इसी हादसे के पीछे आ रही एक अन्य अपाचे बाइक भी अनियंत्रित होकर उसी ट्रेलर से जा भिड़ी। इस दूसरे हादसे में प्रशांत द्विवेदी और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
गन लाइटर और रील का घातक मेल
थाना प्रभारी रीना सिंह ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की। पुलिस को मृतकों के पास से एक गन लाइटर भी मिला है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि युवक शायद रील में इसे ‘स्वैग’ के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आखिर कब तक लुटेंगी कोखें?
मऊगंज प्रशासन और पुलिस विभाग से ‘इंडिया हेडलाइन 24’ सीधा सवाल पूछता है— नेशनल हाईवे पर खड़ी होने वाली मौत (ट्रेलर ट्रक) और युवाओं की जानलेवा रफ्तार पर लगाम कब लगेगी? क्या रील बनाने के नाम पर नेशनल हाईवे को मौत का अड्डा बनने दिया जाएगा?
कलेक्टर साहब, इन आवारा रफ्तार भरने वाले बाइकर्स और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। आज तीन आदिवासी परिवारों ने अपने लाल खो दिए हैं, इसका जिम्मेदार कौन है?












