बड़ा खुलासा: मंत्री का आदेश भी पड़ गया ठण्डा, नईगढ़ी में फाइलों में ‘दफन’ हो गया शव वाहन!

3 साल पहले मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने दिए थे शव वाहन के आदेश; फिर भी ठेले पर गई लाश, क्या कलेक्टर साहब के आदेश को रद्दी समझते हैं मातहत?

मऊगंज/नईगढ़ी। नईगढ़ी में मानवता को शर्मसार करने वाली ‘ठेले पर लाश’ वाली घटना ने अब एक नया और चौकाने वाला मोड़ ले लिया है। ‘इंडिया हेडलाइन 24’ के पास मौजूद दस्तावेज़ों ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। जिस शव वाहन के न होने का रोना रोकर गरीब परिवार को जलील किया गया, उसे उपलब्ध कराने का आदेश मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने साल 2023 में ही दे दिया था!

मंत्री का आदेश… अधिकारियों की मनमानी! विभागीय पत्रों के अनुसार, तत्कालीन मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने दिनांक 05/08/23 को ही कलेक्टर रीवा (तब मऊगंज रीवा का हिस्सा था) को पत्र लिखकर निर्देशित किया था कि जनपद/तहसील नईगढ़ी में जनहित में शव वाहन उपलब्ध कराया जाए। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ममता कुंजबिहारी तिवारी ने भी इसके लिए पुरजोर मांग की थी। लेकिन सवाल यह है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी वह शव वाहन कहाँ गया?

कलेक्टर महोदय, जनता को जवाब चाहिए! प्रशासन के गलियारों में चर्चा है कि क्या मंत्री जी का पत्र सिर्फ धूल फांकने के लिए था? कलेक्टर साहब, जनता आपसे पूछना चाहती है कि आपके विभाग के कौन से ‘रसूखदार’ अधिकारी इस आदेश को दबाकर बैठे रहे? क्या एक आदिवासी परिवार की मां-बहन का शव ठेले पर जाना आपकी व्यवस्था के लिए सामान्य बात है?

भ्रष्टाचार की बू या भारी लापरवाही? जब शासन स्तर से निर्देश जारी हो चुके थे, तो आखिर नईगढ़ी अस्पताल को शव वाहन क्यों नहीं मिला? क्या बजट का बंदरबांट हो गया या फिर जनता की तकलीफें अधिकारियों के एसी कमरों तक पहुँचती ही नहीं? यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी आदेशों की अवहेलना का है।

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