
रीवा जिले की जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत आने वाले ग्राम जोगिनिहाई में स्थित टोल प्लाजा (NH-30) के पास शाम 7:30 बजे एक दृश्य ने सामाजिक चेतना को झकझोर दिया। सड़क पर खुलेआम घूमते गौ वंश को देखकर समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित पदमदीप शुक्ल जी ने गहरी चिंता व्यक्त की और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इसका समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
पंडित शुक्ल ने कहा कि गौ वंश सिर्फ धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के लिए एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या बनते जा रहे हैं। खेतों में घुसकर आवारा मवेशी फसलें चौपट कर रहे हैं। धान और अन्य फसलें रौंद दी जा रही हैं, जिससे गरीब किसान तबाही के कगार पर पहुंच रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आवारा पशुओं के कारण सड़क हादसों की संख्या में दिन-ब-दिन इजाफा हो रहा है। कई पशु और आम नागरिक समय से पहले ही काल के गाल में समा रहे हैं। यह स्थिति प्रशासन की निष्क्रियता और योजनाओं के धरातल पर न उतर पाने का सीधा प्रमाण है।
पंडित शुक्ल द्वारा दिए गए समाधान के सुझाव:
-
हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थायी गौशालाओं का निर्माण हो।
-
गौ वंश के लिए नियमित चारे और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
-
गौ वंश को सड़कों से हटाने हेतु प्रभावी निगरानी व नियंत्रण प्रणाली लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन इस मुद्दे को हल्के में लेता रहा और ठोस पहल नहीं की गई, तो वे जन समर्थन के साथ व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से जिला प्रशासन की होगी।
आंदोलन की चेतावनी के पीछे के मुख्य कारण:
-
प्रशासन की उदासीनता से समाज में गहरा आक्रोश।
-
धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक तीनों स्तरों पर इसका प्रभाव।
-
गौ सेवा के नाम पर चल रही योजनाओं की वास्तविकता की पोल खुलती जा रही है।
पंडित पदमदीप शुक्ल का यह बयान न सिर्फ एक चेतावनी है, बल्कि प्रशासन और सरकार के लिए एक गंभीर संकेत भी है कि अगर गौ वंश की इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो जन आक्रोश को रोका नहीं जा सकेगा।













