ई-केवायसी अभियान से 20 लाख नए हितग्राहियों को मिलेगा राशन – स्मार्ट पीडीएस से पारदर्शिता बढ़ेगी

भोपाल। मध्यप्रदेश में गरीबों और जरूरतमंदों को राशन की सुविधा पारदर्शी और सटीक रूप से पहुंचाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि बीते 5 महीनों में 1 करोड़ से अधिक हितग्राहियों का ई-केवायसी (e-KYC) पूरा किया जा चुका है। इस रिकॉर्ड प्रक्रिया के बाद अब 20 लाख नए पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाएगी, ताकि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद योजना से वंचित न रहे। मंत्री राजपूत ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य पात्र और अपात्र हितग्राहियों की स्पष्ट पहचान करना है। इसके लिए राज्य सरकार ने ग्राम स्तर से लेकर शहरी वार्डों तक ई-केवायसी कैंपों का आयोजन किया। इन कैंपों में न केवल पात्र हितग्राहियों का डेटा अपडेट किया गया, बल्कि जिनके आधार कार्ड में त्रुटियाँ थीं, उनका सुधार भी मौके पर ही किया गया। ई-केवायसी प्रक्रिया के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि दिव्यांग, वृद्ध और असमर्थ हितग्राही इस कार्य से वंचित न रहें। अधिकारियों की टीम उनके घर पहुंची और वहीं पर पोर्टेबल पीओएस मशीनों से आधार सत्यापन कर डाटा अपडेट किया गया। इसके साथ ही अभियान की नियमित मॉनिटरिंग भी होती रही जिससे कोई पात्र व्यक्ति पीछे न छूटे। खाद्य मंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश के 5 करोड़ 32 लाख में से 90% से अधिक हितग्राहियों की ई-केवायसी पूर्ण हो चुकी है और शेष प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है। इसके पश्चात राशन वितरण को “स्मार्ट पीडीएस सिस्टम” से जोड़ा जाएगा। इससे फर्जी, दोहराव और मृत हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सकेगा और वास्तविक लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जा सकेगी। 27 हजार उचित मूल्य दुकानों पर पीओएस व्यवस्था के माध्यम से यह ई-केवायसी संभव हुई है। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अब हितग्राही घर बैठे ‘मेरा ई-केवायसी’ एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विभाग द्वारा हर महीने 2-3 बार SMS भेजकर, अखबारों, सूचना बोर्डों, और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस पूरी कवायद के जरिए राशन वितरण प्रणाली न केवल अधिक पारदर्शी बनेगी बल्कि असली जरूरतमंदों तक सस्ता और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न समय पर पहुंचाना भी संभव होगा।

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