
रीवा जिले के गुढ़ तहसील में 19 सितंबर को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि किसानों, मजदूरों और नौजवानों की लगातार उपेक्षा और जनहित से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। यह धरना-प्रदर्शन सुबह 11 बजे से तहसील कार्यालय के सामने होगा।
भाकपा राज्य परिषद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 15 से कामरेड लालमणि त्रिपाठी तथा भाकपा जिला परिषद सदस्य एवं पूर्व सरपंच दुआरी कामरेड हरिश्चंद्र पांडेय ने बताया कि गुढ़ क्षेत्र में किसान खाद और बीज के संकट से जूझ रहे हैं। सरकार की नीतियों ने उन्हें और मुश्किल में डाल दिया है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से उनकी फसलें चौपट हो रही हैं। गौशालाओं में अव्यवस्था और फर्जीवाड़े से जनता परेशान है। वहीं मजदूर और नौजवानों की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की तुलना वर्तमान हालात से की और कहा कि जैसे तब जनता को लाइन में खड़ा होना पड़ा था, वैसे ही अब किसानों को खाद के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
इस धरना-प्रदर्शन में जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया जाएगा उनमें भूमिहीनों को आवास हेतु भूमि उपलब्ध कराना, शासकीय भूमि पर कब्जाधारकों को पट्टा देना, आवारा पशुओं पर रोक, किसानों को 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर और फर्जी बिजली बिलों पर रोक, रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करना, संविदा और ठेका कर्मियों को नियमित करना, बारिश से क्षतिग्रस्त मकानों और खराब हुई फसलों का मुआवजा दिलाना शामिल हैं।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता कामरेड विशंभर प्रसाद त्रिपाठी शामिल होंगे। इसके अलावा कामरेड मोहम्मद हनीफ खान, कामरेड संजय नामदेव, कामरेड राजसत् (सिंगरौली), कामरेड प्रेमलाल नामदेव (रीवा), कामरेड रमेश प्रहलाद दास बैरागी (भोपाल), कामरेड गया तिवारी, कामरेड बाबूलाल कोल, कामरेड कमला प्रसाद मिश्रा सहित कई अन्य नेता भी मंच से अपनी बात रखेंगे।













