
रीवा, मध्यप्रदेश | जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ब्यौहरा आज भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों को वर्षों से केवल आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन धरातल पर विकास का कोई ठोस प्रमाण नहीं दिखता। हाल ही में जब ग्रामीणों को पक्की सड़क का सपना दिखाया गया, तो खड़ंजा निकालकर काम शुरू कर दिया गया। मगर कुछ ही दिनों में वह काम अधूरा छोड़ दिया गया — नतीजतन, सड़क की हालत और भी बदतर हो गई।
आज ब्यौहरा की सड़क किसी नाले जैसी नजर आती है। जगह-जगह गड्ढे हैं, कीचड़ भरा पड़ा है, और बरसात में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। बच्चों को स्कूल जाना हो या किसी बीमार को अस्पताल पहुँचाना — हर रास्ते में मिट्टी, पानी और कीचड़ एक बाधा बनकर खड़ा रहता है। एंबुलेंस तो दूर, दोपहिया वाहन भी फिसलने का खतरा लेकर चलते हैं।
धरना-प्रदर्शन भी रहा बेअसर
ग्रामवासियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई। प्रदर्शन भी किए, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। आज भी गांव के लोग उसी कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
जनता की गुहार विधायक तक
गांव के ग्रामीणों ने वीडियो संदेश के माध्यम से गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक आदरणीय श्री नागेन्द्र सिंह जी से सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उम्मीद सिर्फ उनके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी है। अगर इस बार भी ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मामला और भी बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
78 साल बाद भी यही हाल
आजादी के 78 साल बाद भी जब देश चंद्रयान-3 और डिजिटल इंडिया की बात कर रहा है, उस वक्त एक पंचायत में कीचड़ से भरी सड़क विकास की असल तस्वीर बयां कर रही है। सवाल यह है कि क्या ब्यौहरा गांव को कभी पक्की सड़क का सपना पूरा होगा?













