
मऊगंज,। एक सच्चा सिपाही न केवल अपनी ड्यूटी से पहचाना जाता है, बल्कि उसके सम्मानजनक विदाई से उसकी वर्षों की सेवा को श्रद्धांजलि मिलती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक दृश्य सामने आया मऊगंज एसडीओपी कार्यालय से, जहाँ नगर सैनिक सुरेंद्र तिवारी को उनकी सेवानिवृत्ति पर गरिमामय विदाई दी गई।
30 जुलाई को एसडीओपी मऊगंज श्रीमती सचि पाठक ने अपने कार्यालय में कार्यरत नगर सैनिक क्रमांक 165 सुरेंद्र तिवारी को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस समर्पण, अनुशासन और व्यवहारिकता की स्वीकृति थी जो तिवारी जी ने अपने चार वर्षों की सेवा के दौरान लगातार प्रदर्शित की।

कार्यक्रम में उपस्थित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने सुरेंद्र तिवारी के साथ बिताए गए पलों को याद किया और उनके अनुशासित स्वभाव की सराहना की। एसडीओपी पाठक ने भावुक शब्दों में कहा –
“तिवारी जी जैसे कर्मठ नगर सैनिक विभाग की रीढ़ होते हैं। उनका स्वभाव और सेवाभाव पूरे स्टाफ के लिए प्रेरणा रहे हैं।”
इस अवसर पर सुरेंद्र तिवारी ने भी अपने अनुभव साझा किए और एसडीओपी सहित समस्त स्टाफ का हृदय से धन्यवाद किया। उनकी नम आंखें बता रही थीं कि यह विदाई केवल एक औपचारिक समापन नहीं, बल्कि एक परिवार से बिछड़ने जैसा क्षण है।
यह सम्मान समारोह केवल एक सेवानिवृत्ति की रस्म नहीं थी, बल्कि विभागीय संस्कृति में आत्मीयता और संवेदना का प्रतीक बनी। एसडीओपी सचि पाठक की यह मानवीय पहल यह संदेश देती है कि किसी की सेवा का अंत भी वैसा ही गरिमामय होना चाहिए जैसा उसका योगदान रहा हो।













