
मैहर, शासकीय पद का फर्जी उपयोग कर जनता को गुमराह कर रहे एक शातिर गिरोह का खुलासा करते हुए ताला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यह गिरोह नकली शासकीय अधिकारी बनकर एक सफेद अर्टिगा कार में घूम रहा था, जिस पर “भारत सरकार” और अशोक स्तंभ का चिन्ह लगाया गया था। इनके पास न तो किसी विभाग की पहचान थी, न ही कोई अधिकृत कार्य। इन फर्जी अधिकारियों का पर्दाफाश मुकुन्दपुर पुलिस चौकी ने फरियादी की सतर्कता और पुलिस की मुस्तैदी के चलते कर दिया।
पूरी कार्रवाई हुई SP मैहर श्री सुधीर अग्रवाल, ASP डॉ. चंचल नागर और SDOP अमरपाटन श्रीमती ख्याति मिश्रा के निर्देशन में, जिसमें चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा की भूमिका उल्लेखनीय रही।
घटना का विवरण:
दिनांक 18 जुलाई 2025 को फरियादी बिनितेश शुक्ला, निवासी ग्राम मुकुन्दपुर, ने मुकुन्दपुर चौकी में सूचना दी कि एक सफेद अर्टिगा कार (MP04 EC 1744) और उसके पीछे एक अन्य अर्टिगा (MP17 ZM 9315) में कुछ युवक “भारत सरकार” और अशोक स्तंभ की पट्टी लगाकर घूम रहे हैं। उन्होंने खुद को शासन की तरफ से आया अधिकारी बताया, लेकिन व्यवहार व पहनावा संदिग्ध था।
सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया (धारा 319(2), 204 IPC) और तत्काल वाहन चेकिंग शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग न तो किसी सरकारी विभाग से जुड़े हैं और न ही इनके पास कोई वैध प्रमाण पत्र था। इनके वाहन से राज चिन्ह और “भारत सरकार” लिखा बोर्ड भी बरामद हुआ, जिसका प्रयोग ये लोग छल और धोखाधड़ी के लिए कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी:
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मो. इमरान खान पिता मो. इसहाक मदनी, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम मुकुन्दपुर, जिला मैहर
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मो. फईम अंसारी पिता असीम, उम्र 23 वर्ष, निवासी राजीव गांधी नगर, भजनपुरा, उत्तर पूर्व दिल्ली
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मो. असलम पिता मो. साबिर, उम्र 25 वर्ष, निवासी राजीव गांधी नगर, भजनपुरा, उत्तर पूर्व दिल्ली
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शुभम तिवारी पिता सच्चिदानंद तिवारी, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम सोनवर्षा, थाना गढ़, जिला रीवा
जप्त सामान (मशरुका):
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दो सफेद रंग की अर्टिगा कारें –
MP04 EC 1744
MP17 ZM 9315
इन वाहनों में भारत सरकार का फर्जी बोर्ड, अशोक स्तंभ, और गार्ड्स के वेश में दो युवक भी मौजूद थे, जिनके पास किसी प्रकार की शासकीय नियुक्ति या पहचान नहीं थी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
इस पूरे अभियान में चौकी प्रभारी उनि. नागेश्वर मिश्रा और उनकी टीम –
थाना प्रभारी ताला निरी. पंचराज सिंह,
उनि. आर.बी. अहिरवार,
सउनि. रामावतार रावत,
प्र.आर. राजभान सिंह,
प्र.आर. चंदन शुक्ला,
प्र.आर. राकेश मिश्रा,
प्र.आर. संजय तिवारी,
आर. आशीष मिश्रा,
आर. संतोष द्विवेदी,
आर. कमलेश वर्मा,
प्र.आर. चालक भरत केसरी – ने मुस्तैदी से काम किया।
इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया है कि यदि नागरिक सजग रहें और पुलिस अपना कार्य तत्परता से करे, तो किसी भी अपराध की जड़ तक पहुँचना असंभव नहीं। नकली अधिकारियों का गिरोह कानून के शिकंजे में है और आगे की पूछताछ जारी













