
भोपाल — मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार की रात अचानक तबादलों की बयार बह उठी। एक ही झटके में सरकार ने दो एसपी, पांच आईपीएस और एक एसपीएस अधिकारी को इधर से उधर कर दिया। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को न केवल चौंकाने वाला बताया जा रहा है, बल्कि यह भी कहा जा रहा है कि सत्ता के केंद्र में फिर से कुछ बड़े समीकरण बदले हैं।इस फेरबदल में सबसे हैरानी की बात रही चंद्रशेखर सोलंकी के तबादले का निरस्तीकरण। चार दिन पहले ही उन्हें प्रमोद वर्मा की जगह सागर का नया आईजी बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें फिर से उनकी पुरानी जगह — विशेष सशस्त्र बल (बिसबल), इंदौर रेंज — पर यथावत बनाए रखा गया है। सूत्रों की मानें तो इस निर्णय के पीछे उच्च स्तर पर कुछ दबाव और आंतरिक असहमति काम कर गई। अब सागर की कमान सौंपी गई है हिमानी खन्ना को, जो पहले महिला सुरक्षा पुलिस मुख्यालय में आईजी थीं। साथ ही सुनील कुमार पांडे को सागर का नया डीआईजी बनाया गया है, जो अब तक मुख्यालय में प्रबंध का जिम्मा संभाल रहे थे। इस तरह सागर रेंज में नेतृत्व पूरी तरह से नया हो गया है।
इनके तबादले से भी सुर्खियां बनीं:
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डी कल्याण चक्रवर्ती को पुलिस मुख्यालय से डीआईजी, छिंदवाड़ा रेंज भेजा गया है। यह तबादला क्षेत्रीय संतुलन साधने की एक कोशिश मानी जा रही है।
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नागेंद्र सिंह, जो बालाघाट के एसपी थे, उन्हें सेनानी, 25वीं वाहिनी बिसबल भोपाल बना दिया गया है। बालाघाट जैसे नक्सल प्रभावित इलाके से अचानक हटाने के पीछे क्या कारण हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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अमित तोलानी, जो रतलाम की 24वीं वाहिनी बिसबल के सेनानी थे, अब राजगढ़ के नए एसपी होंगे। और राजगढ़ के पूर्व एसपी आदित्य मिश्रा को भेजा गया है बालाघाट, जहां चुनौतियाँ कम नहीं हैं।
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सोनाली दुबे, जो जबलपुर में एडिशनल एसपी थीं, अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनेंगी। यह पदोन्नति मानी जा रही है।
इन तबादलों से एक साफ संकेत जा रहा है कि प्रदेश सरकार अब किसी तरह की ढिलाई, असंतुलन या गलतफहमी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सागर और बालाघाट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नई टीम के जरिए सरकार वहां मजबूत पकड़ बनाना चाहती है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हर तबादले के पीछे एक कहानी होती है — कुछ सियासत, कुछ रणनीति और थोड़ा बहुत ब्यूरोक्रेटिक समीकरण। इन तबादलों ने यह साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश में अब पुलिस प्रशासन को लेकर सरकार कहीं अधिक आक्रामक और सतर्क रवैया अपना रही है।













