
मऊगंज–देवतालाब विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। कारण है — सीमा जयवीर सिंह सेंगर की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में वापसी। पूर्व प्रत्याशी रहीं सीमा जयवीर सिंह सेंगर ने सोमवार को दिल्ली स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी की पुनः सदस्यता ली। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती की उपस्थिति में यह सदस्यता दी गई। यह बताया गया कि सीमा सेंगर की वापसी राज्यसभा सांसद एवं बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर इंजीनियर राम जी गौतम के मार्गदर्शन व अनुमोदन से हुई है।
2018 का चुनावी विश्लेषण:
गौरतलब है कि वर्ष 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से सीमा जयवीर सिंह सेंगर ने बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्होंने 43,963 मत प्राप्त किए थे, और बेहद करीबी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी गिरीश गौतम से मात्र 1,080 मतों से पराजित हुई थीं। गिरीश गौतम को कुल 45,043 मत मिले थे। यह परिणाम इस बात का संकेत था कि देवतालाब सीट पर बसपा का जनाधार मजबूत है और मतदाता विकल्प की तलाश में रहते हैं।
राजनीतिक संकेत और आगामी समीकरण:
सीमा जयवीर सिंह सेंगर की वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। समर्थक इसे बसपा की रणनीतिक मजबूती और 2028 के चुनावी बिगुल के रूप में देख रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा खेमे में यह वापसी चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि इतने कम अंतर से हारी उम्मीदवार यदि फिर से सक्रिय होती हैं, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
अब देखना होगा कि क्या सीमा जयवीर सिंह सेंगर इस बार जीत का परचम फहराने में सफल होती हैं या यह वापसी भी एक राजनीतिक औपचारिकता बनकर रह जाती है।













