
मऊगंज। शनिवार की दोपहर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचे और यहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें शीघ्र ही दूर किया जाएगा ताकि आमजन को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने खासतौर पर सिजेरियन प्रसव से जुड़ी शल्य क्रियाओं की व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि इन ऑपरेशनों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और आवश्यक संसाधनों का होना अनिवार्य है। निरीक्षण में सामने आई खामियों को उन्होंने नोट किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि मऊगंज में 200 बिस्तरों वाला एक विशाल जिला चिकित्सालय निर्माणाधीन है। उन्होंने निर्माण स्थल का दौरा कर अधिकारियों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। शुक्ल ने कहा कि यह भवन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान अस्पताल की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने माना कि डॉक्टरों की कमी और कुछ उपकरणों का अभाव अभी भी है, लेकिन इन्हें शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, कलेक्टर को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के आदेश दिए।
फिलहाल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग ढाई से तीन सौ मरीज ओपीडी के माध्यम से उपचार प्राप्त कर रहे हैं, जो इस संस्थान पर जनता के विश्वास को दर्शाता है। निरीक्षण के समय मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल, कलेक्टर संजय कुमार जैन और एसपी आरसी प्रजापति भी मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा—
“आज मऊगंज अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी है। सिजेरियन ऑपरेशन के लिए जो कमियां सामने आईं, उन्हें जल्द ही दूर किया जाएगा। साथ ही, 200 बेड का जिला अस्पताल बनकर तैयार होगा, जो इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।”













