
रीवा। त्योंथर विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर मानवता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमांडो अरुण गौतम ने ठंड के बीच बेसहारा और मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग को न केवल सहारा दिया, बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। यह घटना सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा उनकी भावनात्मक और मानवीय सेवा की व्यापक प्रशंसा भी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, रीवा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति फटे कपड़ों में, मिट्टी और गंदगी से सना हुआ, भूखा-प्यासा और पूरी तरह असहाय अवस्था में मिला। ठंड के कठोर मौसम में बुजुर्ग की स्थिति दयनीय थी। इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे कमांडो अरुण गौतम ने बिना देर किए मदद का हाथ बढ़ाया।
उन्होंने बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में बैठाकर चाकघाट स्थित टमस नदी के तट पर ले गए। वहां पहले बुजुर्ग के बाल कटवाए, फिर स्वयं उन्हें नहलाया-धुलाया। उन्होंने नए कपड़े, जूते और आवश्यक सामान खरीदकर बुजुर्ग को पहनाया। उसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक होटल में ले जाकर भरपेट भोजन कराया। यह पूरा घटनाक्रम देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
सोशल मीडिया पर जब घटना का वीडियो वायरल हुआ, तो लोग भावुक हो उठे। क्षेत्रीय नागरिकों ने कहा कि “आज के समय में ऐसे लोग बहुत कम हैं, जो वास्तव में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं। अरुण गौतम जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं।”
गौरतलब है कि कमांडो अरुण गौतम सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद वे वर्षों से लगातार समाजसेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा—“मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं। जब तक जीवन है, समाज और जरूरतमंदों की सेवा करता रहूंगा।”
उनका यह कदम न केवल संवेदना और करुणा का संदेश देता है, बल्कि समाज को यह भी प्रेरित करता है कि थोड़ी सी मदद किसी की पूरी जिंदगी बदल सकती है।













