
मऊगंज, मध्यप्रदेश | लगातार हो रही तेज बारिश ने मऊगंज जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण बस्तियों तक भारी जल भराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कई कच्चे मकान ढह गए हैं। पानी की मार से बेघर हुए परिवारों को अब सरकारी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूल भवनों व अन्य सामुदायिक परिसरों को अस्थायी राहत शिविरों में तब्दील कर दिया है। यहां बाढ़ प्रभावित लोगों को अस्थाई रूप से ठहरने की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर रह सकें।जिला प्रशासन की ओर से राहत कार्यों की निगरानी के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन ने श्री गुर्जर को निर्देशित किया है कि राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, बच्चों के लिए दूध, बीमारों के लिए प्राथमिक उपचार और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तत्परता से उपलब्ध कराई जाएं।

साथ ही, उन्होंने नियमित रूप से इन शिविरों की मॉनिटरिंग करने, समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और जनता को हरसंभव सहायता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन जनता के साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ खड़ा है। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।













