
मऊगंज– मऊगंज विकासखंड अंतर्गत शासकीय सांदीपनी उमावि देवतालाब में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बीते 10 जुलाई को कक्षा पांचवी की कक्षा में छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे दो छात्राएं – प्रियांसु द्विवेदी और रेनु मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, प्राचार्य को थमाया नोटिस
इस मामले में रीवा कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार की शाम को स्कूल प्राचार्य अशोक कुमार मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विद्यालय भवन के कई कमरों की छत का प्लास्टर अत्यंत जर्जर हालत में है, बावजूद इसके प्राचार्य ने मरम्मत या रख-रखाव की कोई ठोस पहल नहीं की।
प्राचार्य की लापरवाही पर सख्ती
कलेक्टर ने आदेश में लिखा है कि स्कूल भवन की देखरेख, सुरक्षा, और नियमित मरम्मत की जिम्मेदारी प्राचार्य की होती है। इस घटना से शासन की छवि को गहरा आघात पहुँचा है और अभिभावकों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। प्राचार्य का यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है, और यह कृत्य सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के अंतर्गत दंडनीय भी है।
तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई के संकेत
प्राचार्य अशोक कुमार मिश्रा को तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। यदि उनका उत्तर असंतोषजनक पाया गया, तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। माता-पिता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि सभी जर्जर स्कूल भवनों की तुरंत जांच कर सुधार कार्य कराए जाएं, ताकि बच्चों की जान खतरे में न पड़े।













