
सीधी, मध्यप्रदेश। गोपद नदी में रेत माफिया खुलेआम कहर बरपा रहे हैं। मड़वास क्षेत्र में प्रतिदिन 40 से अधिक भारी वाहन—ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और 407—अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे हैं। यह सब प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं
शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने बताया कि उन्होंने इस अवैध खनन को लेकर कई बार राजस्व विभाग, एसडीएम और कलेक्टर से शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। स्थानीय लोग प्रशासन, खनिज और राजस्व विभाग पर मिलीभगत और लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

कलेक्टर और अधिकारी मौन
सीधी कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही वॉट्सएप का जवाब दिया। दूसरी ओर, खनिज विभाग के निरीक्षक शिशिर यादव ने बयान देने से इनकार कर दिया। मौखिक बातचीत में उन्होंने माना कि अवैध खनन चल रहा है, लेकिन यह भी कहा कि बिना कलेक्टर के आदेश और राजस्व विभाग के सहयोग के वे अकेले कुछ नहीं कर सकते।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि जब खनिज विभाग को सब कुछ पता है, तो कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या वाकई रेत माफिया प्रशासन से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं? और अगर नहीं, तो आखिर किसके संरक्षण में गोपद नदी को यूं निचोड़ा जा रहा है?













