
मऊगंज, मध्यप्रदेश। जिले की लौर पुलिस ने आज एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए ग्राम सगरा में खुलेआम तलवार लहराकर दहशत फैलाने वाले एक उपद्रवी को रंगे हाथों धर दबोचा। यह पूरा मामला मऊगंज पुलिस अधीक्षक श्री दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह परिहार के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया, जिससे यह संदेश साफ हो गया है कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना ग्राम सगरा की है, जहां 36 वर्षीय नागेन्द्र सिंह पिता हेमराज सिंह खुलेआम हाथ में तलवार लेकर उपद्रव कर रहा था। जैसे ही इस सनकी हरकत की खबर पुलिस को मिली, लौर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गोविंद प्रसाद तिवारी की अगुवाई में टीम तत्काल मौके पर पहुँची और आरोपी को तलवार सहित रंगे हाथों काबू में कर लिया। मौके पर उपस्थित गवाहों के सामने उससे जब तलवार रखने का कारण पूछा गया, तो वह कोई भी औचित्यपूर्ण जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया, तलवार ज़ब्त की और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 बी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में लौर थाना टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें उप निरीक्षक राजेश पाण्डेय, सउनि योगेन्द्र प्रसाद तिवारी, आरक्षक अजय मौर्य एवं सैनिक संस्कृत सिंह ने अपनी सक्रियता और सतर्कता से यह स्पष्ट कर दिया कि मऊगंज पुलिस का इकबाल अब भी बुलंद है। यह घटना एक ओर जहां आमजन को राहत देती है, वहीं उपद्रवियों को यह साफ संदेश देती है कि कानून हाथ में लेने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं बची है। मऊगंज जिले में शांति भंग करने की जुर्रत करने वालों को लौर पुलिस का यह जवाब किसी चेतावनी से कम नहीं। जप्त की गई तलवार की अनुमानित कीमत लगभग ₹500 बताई गई है। हालांकि कीमत से ज्यादा यह ज़रूरी है कि इस तरह के हथियारों का खुलेआम लहराया जाना समाज की शांति के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता था — लौर पुलिस ने समय रहते इस खतरे को टाल दिया।













