
मऊगंज जिले में सरकारी अमले की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही से भागते अफसरों पर अब कलेक्टर ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जनपद पंचायत नईगढ़ी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कल्पना यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला ग्राम पंचायत हरदी तिवरियान से जुड़ा है, जहां के प्रभारी सचिव संदीप मिश्रा के खिलाफ गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि सीईओ कल्पना यादव द्वारा इस मामले की जांच रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं की गई। न तो दोषियों पर कोई कार्रवाई की गई, न ही जिला प्रशासन को कोई जवाब। यह रवैया न केवल उदासीनता दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार और ढिलाई के प्रति उच्च अधिकारियों की चुप्पी को भी उजागर करता है। कलेक्टर ने इस पर सख्ती दिखाते हुए तीन दिवस की समयसीमा तय की है और निर्देश दिए हैं कि जांच प्रतिवेदन के साथ संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया जाए। यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिला या जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाए।इस घटनाक्रम ने जिला प्रशासन के भीतर चल रही ढिलाई और जवाबदेही की कमी को उजागर कर दिया है। ग्रामीण विकास की योजनाएं कागज़ों में चलती रहें और शिकायतें फाइलों में दबा दी जाएं, यह मऊगंज के प्रशासन को अब मंजूर नहीं है — कलेक्टर का यह कदम इसी दिशा में एक चेतावनी है।अब देखना यह होगा कि सीईओ कल्पना यादव अपनी लापरवाही को किस तरह से सही ठहराती हैं और क्या संदीप मिश्रा पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या मामला एक बार फिर विभागीय कागज़ों में गुम हो जाएगा।













