सिरमौर चौराहे पर पत्रकार से मारपीट, सीसीटीवी और गाड़ी नंबर के बावजूद आरोपी फरार

रीवा। सफेद शेर की धरती कहे जाने वाले रीवा में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले सिरमौर चौराहे पर दिनदहाड़े एक पत्रकार और उनके बुजुर्ग पिता के साथ हुई मारपीट की घटना ने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली को कठघरे में ला खड़ा किया है।

14 फरवरी की शाम हुई इस घटना में ‘खबर भारत 360’ के ब्यूरो चीफ कुलदीप गुप्ता पर कथित तौर पर पल्सर बाइक सवार 6-8 युवकों ने हमला कर दिया। घटना स्थल रामगोविंद पैलेस के सामने का बताया जा रहा है, जहाँ चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने और नियमित पुलिस गश्त का दावा किया जाता है। आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने जानबूझकर कार को टक्कर मारी और उसके बाद घेरकर मारपीट शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हजारों की भीड़ के बीच यह घटना हुई, लेकिन हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें किसी का भय नहीं था। एक बेटा अपने बुजुर्ग पिता को बचाने के लिए हमले सहता रहा, परंतु मौके पर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई।

घटना के बाद पत्रकारों का एक समूह पीड़ित के साथ अमहिया थाने पहुंचा, जहां एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोपियों की बाइक का नंबर और पहचान से जुड़ी जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इससे आमजन में यह संदेश जा रहा है कि अपराधियों के मन में कानून का भय कम होता जा रहा है।

गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष भी कुलदीप गुप्ता पर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने जानलेवा हमला हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में तंत्र विफल हो रहा है?

जब साक्ष्य उपलब्ध हैं, सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और वाहन नंबर भी पुलिस को सौंपा जा चुका है, तो कार्रवाई में देरी क्यों? क्या यह प्रशासनिक सुस्ती है या फिर जांच प्रक्रिया में कोई और कारण बाधा बन रहा है?

यह घटना न केवल एक पत्रकार पर हमला है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी चोट है। यदि समाज की आवाज उठाने वाले ही असुरक्षित रहेंगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?

पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है कि वह मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करे, ताकि कानून के प्रति जनता का विश्वास कायम रह सके।

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