
रीवा ज़िले के मनगवां विधानसभा के गंगेव में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जैसे ही मंच संभाला, वैसे ही घोषणाओं की बौछार कर दी। ये महज भाषण नहीं था—यह उस विकास यात्रा का ऐलान था जो अब धीमे कदमों से नहीं, बल्कि तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री स्वसहायता समूहों के सशक्तिकरण सम्मेलन में पहुंचे और सीधे किसानों की नब्ज़ पर हाथ रखा—घोषणा कर दी कि अब राज्य में किसानों को सिर्फ 5 रुपये में बिजली कनेक्शन मिलेगा। यह ऐलान न सिर्फ बड़ी राहत है बल्कि विपक्ष को चुनौती भी, जो बार-बार बिजली संकट को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। सीएम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि रीवा का कोई भी खेत अब ‘सूखा’ नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर खेतों तक पानी और बिजली पहुंच जाए, तो मेहनती किसान चमत्कार कर देंगे। अब कोई किसान अंधेरे में नहीं जिएगा—सरकार ने ठान लिया है। इसके साथ ही रजिस्ट्रियों पर 2% की छूट की बात कहकर उन्होंने सीधे आम जनता के घर, खेत और दुकान से जुड़े हितों को साधा।

चित्रकूट को ‘राम धाम’ बनाने का ऐलान
सीएम ने चित्रकूट को भव्य स्वरूप देने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा—”चित्रकूट अब सिर्फ तीर्थ नहीं रहेगा, बल्कि उसकी भव्यता देखकर लोग ठहर जाएंगे। यूपी सरकार लगातार वहां विकास कर रही है और मध्यप्रदेश सरकार अब उससे एक कदम आगे बढ़ेगी। भगवान राम जहां-जहां चले, हम वहां विकास की अमिट छाप छोड़ेंगे।”
यह बयान धार्मिक आस्था को सीधा स्पर्श करता है, और चुनावी मौसम से पहले हिंदुत्व कार्ड को भी मज़बूती देता है।
शासकीय स्कूलों को दी शाबाशी
सीएम ने इस बात पर भी गर्व जताया कि इस बार 10वीं और 12वीं में सबसे बेहतर प्रदर्शन शासकीय स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा प्रणाली की जीत बताया और संकेत दिया कि सरकार अब इस क्षेत्र में और निवेश करने जा रही है।

घोषणाओं की झड़ी – सड़कों से लेकर सरोवर तक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुल 50 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें अस्पताल, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, अमृत सरोवर, सामुदायिक पार्क, सामुदायिक भवन, ओवरब्रिज और महिला सशक्तिकरण के कार्य शामिल हैं।
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तिवनी मोड़ से प्रयागराज तक PWD की सड़क
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हिनौती गोधाम के लिए 8 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति
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देवास कन्या महाविद्यालय का उन्नयन
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10 उपस्वास्थ्य केंद्रों का शिलान्यास (6.5 करोड़ रुपये)
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50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव (9.95 करोड़ रुपये)
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6 लेन ओवर ब्रिज – तिवनी जंक्शन (14.85 करोड़ रुपये)
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30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – मनगवां (5.73 करोड़ रुपये)
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अमृत सरोवर – 11 स्थानों पर (6.16 करोड़ रुपये)
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सामुदायिक पार्क – 7 स्थानों पर (1.05 करोड़ रुपये)
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सामुदायिक भवन – 5 स्थानों पर (1.25 करोड़ रुपये)
इन विकास कार्यों की घोषणा किसी चुनावी वादे जैसी नहीं लगी, बल्कि जैसे कोई मुख्यमंत्री जनता से कह रहा हो—”अब और इंतजार नहीं होगा।”
पुष्पवर्षा और कन्या पूजन से संवेदनात्मक जुड़ाव
कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन और महिलाओं पर पुष्पवर्षा से हुई, जिससे यह संदेश गया कि सरकार सिर्फ विकास नहीं कर रही, बल्कि संस्कृति और परंपरा से भी जुड़ी हुई है। यह एक रणनीतिक संदेश भी था—मातृशक्ति का सम्मान कर महिलाओं के दिल में जगह बनाने का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह दौरा सिर्फ एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं था, यह संदेश था कि विकास अब रीवा संभाग की नई पहचान बनेगा। 5 रुपये में बिजली कनेक्शन, 50 करोड़ से अधिक की घोषणाएं, और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा चित्रकूट का पुनर्विकास—यह सब दर्शाता है कि सरकार अब ‘मूड में’ है। सवाल यह नहीं कि कितनी घोषणाएं हुईं, असली सवाल यह है—क्या इस बार ये वादे ज़मीन पर दिखेंगे भी?













