
मऊगंज। नवगठित मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 14 साल की एक नाबालिग छात्रा के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया। घटना उस वक्त हुई जब पीड़िता शुक्रवार शाम को घर के पास हैंडपंप पर पानी भरने गई थी।
कैसे हुई वारदात?
नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता शाम करीब 6 बजे बाल्टी लेकर पानी भरने गई थी। छात्रा ने पुलिस को बताया कि गाँव के ही एक युवक ने उसे पीछे से पकड़ा और जबरन पास के सरकारी स्कूल की बाउंड्री के अंदर खींच ले गया।
- सरकारी स्कूल बना अपराध स्थल: बाउंड्री के अंदर दो और युवक पहले से मौजूद थे। तीनों ने पीड़िता को स्कूल के पीछे ले जाकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
- विरोध पर मारपीट: पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की और घटना को अंजाम देने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।
खेत में घायल और बेहोश मिली पीड़िता
जब छात्रा काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, पीड़िता घर के पास ही धान के एक खेत में घायल और बेहोश हालत में मिली। होश में आने के बाद उसने अपनी मां को पूरी आपबीती बताई।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों की पहचान प्रिंस पटेल (19), अतुल पटेल (22), और एक 15 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है।
पुलिस की तत्परता, 10 घंटे में गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई थीं।
- तत्काल कार्रवाई: पुलिस ने केवल 10 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- आगे की प्रक्रिया: पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। एसपी ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का गंभीर आरोप, पुलिस का इनकार
एक ओर जहाँ पुलिस ने त्वरित गिरफ्तारी का दावा किया है, वहीं पीड़िता के परिवार वालों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।परिवार का आरोप: “रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जाते समय रास्ते में कुछ पुलिसकर्मियों ने हमारे साथ मारपीट की और हमारे मोबाइल फोन भी छीन लिए।”
हालांकि, एसपी दिलीप सोनी ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि पुलिस ने तत्परता से काम किया है।
पीड़िता-आरोपी एक ही स्कूल से जुड़े
सामने आई जानकारी के अनुसार, जिस सरकारी स्कूल की बाउंड्री में यह अपराध हुआ, पीड़िता और नाबालिग आरोपी उसी स्कूल में पढ़ते थे। हालांकि, तीनों आरोपी अब पढ़ाई छोड़ चुके हैं। यह भी पता चला है कि पीड़िता की माँ आरोपियों के यहाँ काम के लिए आती-जाती रहती थीं, जिसके कारण उनकी पहचान थी। बताया जा रहा है कि नाबालिग आरोपी की पीड़िता पर पहले से नज़र थी।













