रीवा कोर्ट में ‘पांडेय’ युग बरकरार: सातवीं बार अध्यक्ष बने वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पांडेय, त्रिकोणीय मुकाबले में विरोधियों को पछाड़ा

250 वोटों के अंतर से दर्ज की ऐतिहासिक जीत; अशोक शुक्ला और बृजेंद्र सिंह की चुनौती हुई फेल, समर्थकों ने फूल-मालाओं से लादा

रीवा। रीवा जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में एक बार फिर अनुभव की जीत हुई है। शुक्रवार को हुई गहमागहमी भरी मतगणना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पांडेय ने सातवीं बार अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने एक कड़े त्रिकोणीय मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी देते हुए वकीलों के बीच अपनी अटूट लोकप्रियता को साबित कर दिया।

लाइव काउंटिंग और देर रात का रोमांच चुनाव समिति ने इस बार मतगणना में पारदर्शिता के लिए खास इंतजाम किए थे। न्यायालय परिसर में बड़ी टीवी स्क्रीन लगाकर लाइव काउंटिंग दिखाई जा रही थी। सुबह से शुरू हुई वोटों की गिनती शुक्रवार देर रात तक चली। करीब 1700 अधिवक्ता मतदाताओं ने इस चुनाव में हिस्सा लिया। शुरुआती राउंड से ही राजेंद्र पांडेय ने जो बढ़त बनाई, वह अंत तक अटूट रही।

अनुभव के आगे सब हुए फेल अध्यक्ष पद के लिए अशोक शुक्ला और बृजेंद्र सिंह ने भी अपनी पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन राजेंद्र पांडेय के दशकों के अनुभव और वकीलों के साथ उनके सीधे जुड़ाव के सामने दोनों ही पिछड़ गए। पांडेय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को लगभग 250 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी।

जीत के बाद गूँजा ‘न्यायालय परिसर’ देर रात जैसे ही अंतिम परिणामों की घोषणा हुई, पूरा न्यायालय परिसर जयकारों से गूँज उठा। समर्थकों ने राजेंद्र पांडेय को फूल-मालाओं से लाद दिया और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष पांडेय ने सभी अधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वे वकीलों के हितों और न्यायालय की गरिमा के लिए हमेशा की तरह संघर्षरत रहेंगे।

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