सांसद और विधायक की मौजूदगी में होगा सुष्मिता द्विवेदी की कृति ‘सूनी आंखें बोलती हैं मेरी’ का विमोचन, शहीद महाविद्यालय में सुबह 10 बजे से शुरू होगा समागम

मऊगंज साहित्य, समाज और संस्कृति के रंगों को एक कैनवास पर उकेरने के लिए मऊगंज तैयार है। शहर के इतिहास में पहली बार 23 नवंबर (रविवार) को एक ऐसा भव्य आयोजन होने जा रहा है, जहाँ कलम के सिपाही, न्याय के प्रहरी (अधिवक्ता) और बाजार के व्यापारी एक ही मंच पर नजर आएंगे। शहीद स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य साहित्यिक समारोह में साहित्यकार सुश्री सुष्मिता द्विवेदी ‘शिखा’ की बहुप्रतीक्षित कृति “सूनी आंखें बोलती हैं मेरी” का विमोचन किया जाएगा। आयोजन को लेकर शहर में खासा उत्साह है। तीन बड़ी शक्तियों का साझा प्रयास इस आयोजन की सबसे खास बात इसका संयोजन है। मऊगंज में यह पहला अवसर है जब अधिवक्ता संघ, जिला व्यापारी संघ और शहीद पीजी कॉलेज की जनभागीदारी समिति संयुक्त रूप से किसी साहित्यिक कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे हैं। वहीं, कार्यक्रम के संयोजन का जिम्मा साहित्यिक चौपाल समिति ने संभाला है। शहर के प्रबुद्ध जनों का मानना है कि विभिन्न वर्गों का यह जुड़ाव मऊगंज में एक नई सांस्कृतिक चेतना का संचार करेगा। समीक्षा के बाद जमेगी कवियों की महफिल सुबह 10 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय सांसद जनार्दन मिश्रा होंगे, जबकि अध्यक्षता मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल करेंगे। पुस्तक विमोचन के तत्काल बाद साहित्यिक चौपाल समिति द्वारा कृति की समीक्षा प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद कवि सम्मेलन का आगाज होगा, जिसमें स्थानीय और क्षेत्रीय कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
क्यों खास है यह आयोजन?
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पुस्तक: ‘सूनी आंखें बोलती हैं मेरी’ (लेखिका: सुष्मिता द्विवेदी ‘शिखा’)।
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स्थान: शहीद स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर, मऊगंज।
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समय: 23 नवंबर, सुबह 10 बजे से।
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भागीदारी: समाज के हर वर्ग (शिक्षक, व्यापारी, वकील, छात्र) का सीधा जुड़ाव।
आयोजकों का कहना है: “यह सिर्फ एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि मऊगंज की साहित्यिक विरासत को सहेजने और उसे नई ऊंचाइयां देने का प्रयास है। समाज के सभी वर्गों का सहयोग इसे ऐतिहासिक बना रहा है।”













