
मऊगंज। राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी वर्ष देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से सराबोर रहेगा। भारत सरकार ने घोषणा की है कि 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में वन्दे मातरम की वर्षगांठ को एक विशेष राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस अवधि में राष्ट्र के सभी जिलों, शहरों, कस्बों व ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों की एक भव्य श्रृंखला आयोजित होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत 7 नवंबर 2025 को एक ऐतिहासिक क्षण के साथ होगी, जब देशभर में एक ही समय पर वन्दे मातरम का सामूहिक गायन किया जाएगा। पुलिस बैंड, विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थान इस सामूहिक गायन में सहभागिता करेंगे। उद्देश्य यह है कि वन्दे मातरम की गरिमामयी धुन और उसके देशभक्ति से ओत-प्रोत शब्दों की प्रतिध्वनि एक साथ पूरे राष्ट्र में गूँजे और हर नागरिक इस ऐतिहासिक विरासत से भावनात्मक रूप से जुड़े।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में 8 नवंबर को ग्रामीण विकास विभाग की अगुवाई में गांव-गांव, ग्राम पंचायत स्तर पर सामूहिक वन्दे मातरम गायन होगा। हर घर तक राष्ट्रीय भावना पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीण युवाओं, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके बाद 10 नवंबर को नगरीय क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सामूहिक गायन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें व्यापारी संगठन, नागरिक मंच, सामुदायिक समूह और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेंगे।
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय अवसर को केवल औपचारिकता न माना जाए, बल्कि इसे जन-अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर कार्यक्रम सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण और सहभागिता-प्रधान हो। साथ ही जनप्रतिनिधियों, नगर व ग्रामीण क्षेत्र के सामाजिक संगठनों को आमंत्रित किया जाए, ताकि यह वर्षगांठ सामूहिक उत्सव के रूप में ऐतिहासिक पहचान बना सके।
वन्दे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। इस गीत ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर रहे भारतवासियों को साहस, प्रेरणा और एकता की शक्ति दी थी। 150वीं वर्षगांठ का यह उत्सव न केवल ऐतिहासिक विरासत का स्मरण कराएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को जीवित करेगा। वन्दे मातरम की आवाज़ फिर एक बार देश को एक साथ जोड़ते हुए प्रेरणा के नए अध्याय लिखेगी।













