
रीवा। डिजिटल इंडिया के सपनों को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अब न सिर्फ नागरिकों को सुविधाएँ दे रहे हैं बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं। इसी क्रम में राज्य कार्यालय भोपाल से पधारे सीएससी बैंकिंग अधिकारी श्री सिद्धार्थ सिन्हा ने जिला प्रबंधक सीएससी रीवा एवं मऊगंज, श्री रवि शंकर मिश्रा एवं श्री विक्रम पांडे के साथ मिलकर विभिन्न सीएससी केन्द्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक सीएससी केन्द्र पर प्रॉपर सीएससी ब्रांडिंग हो, ग्राहक रजिस्टर का नियमित रूप से रखरखाव किया जाए और नागरिकों को मिलने वाली सभी सेवाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। अधिकारियों ने केन्द्रों पर उपस्थित आम नागरिकों से भी बातचीत की और उनसे सीएससी सेवाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। साथ ही सुझाव भी आमंत्रित किए ताकि इन सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

इसी अवसर पर आरसेटी सगरा में समूह की महिलाओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ महिलाओं को सिखाया गया कि किस प्रकार वे अपने ग्राम पंचायत में सीएससी के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाएँ उपलब्ध कराकर न सिर्फ ग्रामीणों की मदद कर सकती हैं बल्कि स्वयं भी आय अर्जित कर सकती हैं। प्रशिक्षण में बैंकिंग कार्य और अन्य डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई ताकि महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकें। सीएससी बैंकिंग अधिकारी श्री सिद्धार्थ सिन्हा ने कहा कि सीएससी आज ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच सेतु का काम कर रहा है। इनके माध्यम से समग्र ई-केवायसी, आयुष्मान योजना, पीएम किसान ई-केवायसी, ई-उपार्जन किसान पंजीयन, ई-श्रम कार्ड, मानधन योजना, लोक सेवा केंद्र, रोजगार पंजीयन, बैंकिंग और इंश्योरेंस जैसी अनेक सेवाएँ दी जा रही हैं। इन सेवाओं से न सिर्फ ग्रामीणों को घर-घर पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है बल्कि रोजगार और आय सृजन के नए अवसर भी खुल रहे हैं। निरीक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम से यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले समय में सीएससी केन्द्र ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की रीढ़ साबित होंगे। यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाएगी बल्कि गाँव के हर व्यक्ति को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी।













