
मऊगंज। जिले में धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुके ग्राम पंचायत सीतापुर स्थित नैकिनिया माता मंदिर में इस वर्ष भी भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यहाँ आठ झांकियों के मिलन का ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जिसमें करीब आठ से नौ हजार श्रद्धालु जनसैलाब की तरह उमड़ पड़े। यह आयोजन अब केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि नैकिनिया माता मंदिर का महत्व प्राचीन काल से है। मान्यता है कि यहाँ आकर मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इसी आस्था के कारण हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग यहाँ पहुँचते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भागीदारी करते हैं। मंदिर परिसर में लगातार नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान चलते हैं। इसी श्रृंखला में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

आठ झांकियों के मिलन के अवसर पर मंदिर प्रांगण और आसपास का इलाका श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। झांकियों में देवी-देवताओं की झलक देखने श्रद्धालुओं की भीड़ घंटों तक उमड़ती रही। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। नैकिनिया माता कमेटी की ओर से इस आयोजन की भव्यता को बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए समिति और ग्रामीणों ने मिलकर जिम्मेदारी संभाली। कमेटी ने बताया कि भंडारे की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आने वाले समय में भी इसे और व्यापक रूप देने का प्रयास किया जाएगा।श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और सामूहिक एकजुटता का भी जीता-जागता प्रतीक है।













