
मऊगंज, जंगलों की खामोशी को उस वक़्त चीखों ने चीर दिया जब पिपराही के बांसों के बीच एक नाले से इंसानी लाश मिली। हनुमना थाना क्षेत्र में फैले इस रहस्य ने गुरुवार को उस वक़्त सनसनी मचा दी जब बकरी चराने गए एक चरवाहे को सड़ांध ने सच दिखा दिया। शाम 4 बजे की ये घटना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी—जंगल, सन्नाटा, सड़ांध और नाले में फंसी लाश। ग्रामीणों को खबर दी गई, अफरा-तफरी मची और देखते ही देखते पुलिस मौके पर पहुँच गई। हनुमना थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए रवाना कर दिया गया है। शव की हालत और दुर्गंध से अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि यह करीब एक हफ्ते पुराना है। यानी जंगल में कोई चीख-चीख कर मर गया और दुनिया को कानों कान खबर तक नहीं लगी।
हत्या की आशंका… पर कौन है ये मरा हुआ शख्स?
प्रारंभिक जांच में मामला साफ तौर पर हत्या का लग रहा है। शव बुरी तरह सड़ चुका था और पेड़ों में फंसा मिला। सवाल ये उठता है कि अगर हत्या हुई है तो हत्यारा कौन है? और क्या ये कोई गैंगवार का हिस्सा है या फिर किसी पुरानी रंजिश का अंत? थाना प्रभारी अनिल काकडे ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के लिए आस-पास के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। लेकिन अब तक किसी भी गुमशुदगी की रिपोर्ट से शव की पहचान नहीं हो पाई है।
क्या जंगल के सन्नाटे में कोई राज दफन है?
यह पहली बार नहीं है जब पिपराही जंगल ने कोई रहस्य उगला हो। लेकिन इस बार मामला खौफनाक है। हत्या की गंध, बांसों के बीच फंसी लाश और लापता पहचान… ये सब मिलकर मऊगंज पुलिस के लिए एक कड़ी चुनौती बन चुके हैं।
अब सवाल ये है—मऊगंज में क्या कोई सीरियल किलर घूम रहा है? या यह सिर्फ एक अनसुलझा जुर्म है?
सच्चाई जो भी हो, फिलहाल इस जंगल ने एक राज उगला है, जो ना सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को सोचने पर मजबूर कर गया है। पुलिस जांच में जुटी है… लेकिन जब तक पहचान नहीं होगी, तब तक सवालों की चीखें जंगल में गूंजती रहेंगी।













