मऊगंज को मिली नई पहचान: अब यहीं सुने जाएंगे राजस्व विवाद, रीवा का चक्कर खत्म!

मऊगंज जिले के नागरिकों को आज एक बड़ी सौगात मिली है। लंबे समय से प्रतीक्षित कलेक्टर न्यायालय की आखिरकार मऊगंज में स्थापना हो गई है। यह न्यायालय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय के नवीन लॉ कॉलेज भवन में अस्थायी रूप से शुरू किया गया है, क्योंकि अब तक कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इस ऐतिहासिक क्षण का लोकार्पण रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद द्वारा शुक्रवार शाम 4 बजे किया गया। कार्यक्रम में मऊगंज के कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी, एएसपी विक्रम सिंह और एसडीएम बी.के. पांडेय समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। याद दिला दें कि मऊगंज जिला 15 अगस्त 2023 को अस्तित्व में आया था, लेकिन लगभग एक साल बाद जाकर प्रशासनिक कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले इस न्यायालय की विधिवत शुरुआत हो पाई है। ये सवाल जरूर उठते हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक जनता राजस्व मामलों के लिए इधर-उधर क्यों भटकती रही? क्या अफसरशाही की सुस्ती ने मऊगंज के विकास को धीमा कर दिया?

बहरहाल, कलेक्टर न्यायालय की शुरुआत से अब मऊगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी। उन्हें अब राजस्व प्रकरणों के लिए रीवा या अन्य जिलों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई और निर्णय की सुविधा से न सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि आर्थिक बोझ भी कम होगा। प्रशासन ने दावा किया है कि इस अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण भी जल्द पूरा कराया जाएगा। लेकिन यह देखना होगा कि योजनाओं की फाइलें फिर धूल न खाएं और न्याय की रफ्तार कागजों में ही न उलझ जाए। कुल मिलाकर, मऊगंज में न्याय का नया अध्याय शुरू हो चुका है। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों को कितनी जल्दी और प्रभावी राहत पहुंचा पाती है। जनता को अब सिर्फ इंतज़ार है – फैसलों का, विकास का और जवाबदेही का।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें

Mauganj-नैकिनिया माता मंदिर चोरी ने खोल दी मऊगंज की सुरक्षा व्यवस्था की परतें! घंटियां और प्रतिमा की आंखें चोरी, रतनगवां के युवकों ने पकड़ा संदिग्ध; अब सवाल—क्या एक मंदिर की चोरी से खुलेगा पूरे जिले की चोरियों का राज?