सरकारी लापरवाही पर गिरी गाज: सहायक ग्रेड-3 अजीत सिंह निलंबित, हनुमना भेजे गए मुख्यालय

मऊगंज-उप तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देवतालाब तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अजीत सिंह को कलेक्टर संजय कुमार जैन ने निलंबित कर दिया है। यह निर्णय गुरुवार को लिया गया, जो मऊगंज क्षेत्र की प्रशासनिक कार्यशैली में एक सख्त संदेश माना जा रहा है। दरअसल, देवतालाब के नायब तहसीलदार की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में अजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वे लगातार शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाह रहे। कार्यालय में समय से अनुपस्थित रहने, बिना सूचना गायब रहने और उच्च अधिकारियों के आदेशों को नजरअंदाज करने की शिकायतें सामने आई थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने कार्यालयीन सहयोगियों से अभद्र भाषा में व्यवहार किया, जिससे विभागीय वातावरण प्रभावित हो रहा था। इस मामले में जब बात मऊगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तक पहुँची, तो उन्होंने भी तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। कलेक्टर ने रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि में अजीत सिंह का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, हनुमना निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के साथ स्पष्ट संकेत दे दिया है कि शासकीय जिम्मेदारियों में लापरवाही, मनमानी और अभद्रता अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मऊगंज में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा जोरों पर है कि अब अफसरशाही पर भी नकेल कसने का समय आ गया है।  यह कहना गलत नहीं होगा कि जो कर्मचारी सरकारी तंत्र को निजी जागीर समझते हैं, उन्हें अब जवाबदेह होना पड़ेगा। जिला प्रशासन की यह कार्यवाही बाकी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी है — “काम नहीं तो कुर्सी नहीं!”

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