सीतापुर में अब भगवान का मंदिर भी सुरक्षित नहीं! नैकिनिया माता मंदिर से घंटियां और प्रतिमा की आंखें चोरी, लौर पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल

बकरी-मवेशी चोरी से लेकर अब मंदिर तक पहुंची चोरी की वारदात? ग्रामीणों में आक्रोश, चार गांवों में बढ़ी नाराजगी; पुलिस से चोरों की गिरफ्तारी और चोरी की सामग्री बरामद करने की मांग

मऊगंज/सीतापुर। लौर थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव में नैकिनिया माता मंदिर से घंटियां और माता की प्रतिमा में लगी आंखें चोरी होने की घटना ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। आस्था के इस केंद्र में हुई चोरी के बाद ग्रामीणों के बीच पुलिस की गश्त और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला केवल मंदिर से कुछ सामान चोरी होने तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि सीतापुर और आसपास के क्षेत्र में पहले भी चोरी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। अब मंदिर को निशाना बनाए जाने से लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब धार्मिक स्थल की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो आम ग्रामीण अपने घर और मवेशियों को लेकर कितने सुरक्षित हैं?

मंदिर की घंटियां उखाड़ ले गए चोर

बताया जा रहा है कि चोरों ने नैकिनिया माता मंदिर में लगी घंटियों को निकाल लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर में तोड़फोड़ के दौरान माता की प्रतिमा में लगी आंखें भी निकाल ली गईं, यह घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी वस्तुओं को इस तरह निशाना बनाया जाना बेहद गंभीर विषय है। हालांकि, चोरी गई सामग्री की पूरी सूची, नुकसान का वास्तविक मूल्य और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सवाल सिर्फ घंटियों का नहीं, पूरे सुरक्षा तंत्र का है

सीतापुर में हुई इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त और संवेदनशील स्थानों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मंदिर जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल पर चोर पहुंचकर सामान निकाल ले जाते हैं, तो इलाके में पुलिस की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा होना जरूरी है। सीतापुर में पहले भी कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 में सीतापुर से जुड़े एक नाबालिग अपहरण मामले में तत्कालीन लौर थाना प्रभारी और एक अन्य पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन किया गया था। उसी सरकारी उत्तर में एक आरोपी के खिलाफ लौर थाने में 11 अपराध दर्ज होने की जानकारी भी दी गई थी। इसके अलावा, 2025 में लौर थाना क्षेत्र के सीतापुर खेतौही से मवेशियों को वाहन में लादे जाने का मामला भी रिपोर्ट हुआ था, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे।

सीतापुर में पुलिस चौकी की मांग भी उठ चुकी है

सीतापुर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से प्रशासनिक स्तर पर चर्चा होती रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में लौर थाना क्षेत्र के सीतापुर में पुलिस चौकी खोलने का प्रस्ताव सामने आया था, हालांकि वित्त विभाग की असहमति के कारण उस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी। ऐसे में मंदिर चोरी की घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।

थाना प्रभारी से ग्रामीणों के सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करना चाहिए और चोरी की सामग्री बरामद करने के लिए जांच तेज करनी चाहिए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान समय में लौर थाना प्रभारी के रूप में रीना सिंह का नाम सार्वजनिक रिपोर्टों में दर्ज है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में लौर थाना क्षेत्र की एक गंभीर घटना में उनके नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है। इसलिए नैकिनिया माता मंदिर चोरी के मामले में भी अब पुलिस की जांच और कार्रवाई ही यह स्पष्ट करेगी कि घटना कैसे हुई, चोर कौन थे और मंदिर की सुरक्षा में कोई चूक हुई या नहीं।

चार गांवों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

मंदिर चोरी की घटना के बाद सीतापुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी बढ़ने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द चोरी का मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान करे, चोरी गई घंटियां और प्रतिमा से निकाली गई वस्तुओं को बरामद करे तथा मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था बनाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर लौर थाना परिसर के सामने आंदोलन और आमरण अनशन की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है।

सबसे बड़ा सवाल—मंदिर की सुरक्षा कौन करेगा?

नैकिनिया माता मंदिर की चोरी ने सीतापुर में सिर्फ एक चोरी की घटना नहीं, बल्कि स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि वह मामले का शीघ्र खुलासा करे और ग्रामीणों के बीच यह भरोसा कायम करे कि धार्मिक स्थल, घर और आम नागरिक—सभी कानून की निगरानी में सुरक्षित हैं।

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