Mauganj:- खबर के बाद काड़ी स्कूल में मध्याह्न भोजन शुरू, दो महीने तक व्यवस्था ठप रहने पर उठे सवाल

जन शिक्षक और शिक्षक बच्चों के साथ भोजन करते नजर आए; अब सवाल—नियमित व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा?

मऊगंज। शासकीय प्राथमिक पाठशाला काड़ी, संकुल केंद्र खुटहा में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर सामने आई खबर के बाद स्कूल में गतिविधियां बढ़ी हैं। बुधवार को जन शिक्षक (CAC) और स्कूल के शिक्षक बच्चों के साथ भोजन करते नजर आए। इससे पहले विद्यालय में लंबे समय से मध्याह्न भोजन व्यवस्था प्रभावित होने और स्कूल में ताला लगे रहने को लेकर सवाल उठाए गए थे।इंडिया हेडलाइन 24 द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से मामले को संज्ञान में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

बच्चों के साथ भोजन की तस्वीरें सामने आईं

मामले में अब जन शिक्षक और शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल स्कूल में भोजन व्यवस्था संचालित की गई।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था नियमित रूप से जारी रहेगी?

ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि विद्यालय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए एक दिन भोजन बनना पर्याप्त नहीं माना जा सकता; इसकी नियमितता और गुणवत्ता की निगरानी भी जरूरी है।

डेढ़ से दो महीने तक भोजन नहीं मिलने के दावे पर जांच जरूरी

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया था कि काड़ी स्कूल में करीब डेढ़ से दो महीने तक मध्याह्न भोजन नहीं बनाया गया। साथ ही विद्यालय के संचालन और शिक्षक की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए।

इन आरोपों की वास्तविकता संबंधित उपस्थिति रजिस्टर, मध्याह्न भोजन रिकॉर्ड, खाद्यान्न वितरण विवरण, समूह संचालक के अभिलेख और स्कूल निरीक्षण रिपोर्ट से स्पष्ट की जा सकती है।

यदि इतने लंबे समय तक विद्यार्थियों को भोजन नहीं मिला, तो उस अवधि के लिए आवंटित खाद्यान्न और राशि का उपयोग किस प्रकार हुआ, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

BRC और DEO स्तर पर संज्ञान की बात

खबर सामने आने के बाद बीआरसी और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से मामले का संज्ञान लिए जाने की जानकारी दी गई है। बीआरसी की ओर से जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मध्याह्न भोजन व्यवस्था में हुई कथित अनियमितता की स्थिति में वसूली की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित कार्रवाई वास्तव में रिकॉर्ड पर होती है या नहीं और जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

शिक्षक की उपस्थिति पर भी उठे सवाल

मामले में शिक्षक राम सिया साकेत की कथित अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। यदि शिक्षक लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहे थे, तो उनकी उपस्थिति, अवकाश स्वीकृति और संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई निगरानी के रिकॉर्ड की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

इसी तरह संकुल स्तर पर स्कूल की निगरानी किस प्रकार की गई, यह भी जांच का विषय है।

हालांकि, संबंधित शिक्षक, संकुल प्राचार्य और मध्याह्न भोजन समूह संचालक पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

अब असली परीक्षा नियमित व्यवस्था की

एक दिन बच्चों के साथ भोजन करने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि स्कूल में हर कार्यदिवस निर्धारित मापदंडों के अनुसार मध्याह्न भोजन नियमित रूप से मिले।

ग्रामीणों और अभिभावकों की मांग है कि काड़ी स्कूल की भोजन व्यवस्था, शिक्षक उपस्थिति और पिछले महीनों के खाद्यान्न रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।

इंडिया हेडलाइन 24 इस मामले में विभागीय कार्रवाई और जांच के परिणाम पर नजर रखेगा। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होना जरूरी है, वहीं यदि आरोप तथ्यों से पुष्ट नहीं होते हैं तो संबंधित पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

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