
रीवा-सतना सीमा पर बसा ‘वेकेशन वैली वाटर पार्क’ एक बार फिर सवालों के घेरे में है, लेकिन इस बार कारण सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि खुलेआम गुंडागर्दी है। रीवा शहर के नेहरू नगर निवासी और रेस्टोरेंट संचालक परिणय जौहरी अपने परिवार के साथ बेटे सारांश जौहरी का जन्मदिन मनाने के लिए बेला स्थित वेकेशन वैली वाटर पार्क पहुँचे थे। परिवार में उनकी पत्नी, छोटा भाई, उसकी पत्नी और मासूम बच्चे भी शामिल थे। खुशी-खुशी शुरू हुआ यह पारिवारिक कार्यक्रम कुछ ही घंटों में खून, चीख-पुकार और अपमान में तब्दील हो गया। रेस्टोरेंट संचालक का परिवार जब नहाने के बाद अपना सामान देखने पहुँचा, तो उन्होंने पाया कि उनका सारा सामान—including मोबाइल, नकदी और दस्तावेज—पूरी तरह भीग चुका था। जब उनकी पत्नी ने इस मामले में पार्क प्रबंधन से शिकायत की, तो जवाब में मिला जलील करने वाला व्यवहार और मारपीट। SISS सिक्योरिटी कंपनी के ब्लैक टी-शर्ट पहने गार्डों ने परिवार के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। बच्ची, महिलाएं, बुजुर्ग – किसी को नहीं बख्शा गया। रेस्टोरेंट संचालक, उनकी पत्नी, बेटा, भाई-भाभी और छोटे बच्चे तक इस हिंसा की चपेट में आ गए। इतना ही नहीं, जब घायल अवस्था में पीड़ित परिवार अपनी जान बचाकर पार्क से बाहर निकला और रामपुर बघेलान थाने पहुँचा, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने न केवल मामला दर्ज करने से इनकार किया बल्कि उल्टा पीड़ितों पर ही सवाल खड़े किए और उन्हें थाने से भगा दिया। इंसाफ की उम्मीद लिए जब यह परिवार डीआईजी कार्यालय रीवा पहुँचा, तो राजेश सिंह चंदेल ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच का भरोसा दिलाया। रेस्टोरेंट संचालक परिणय जौहरी का कहना है, “हम परिवार सहित सिर्फ अपने बेटे का जन्मदिन मनाने गए थे, पर जो कुछ हुआ वह किसी दुश्मन के साथ भी नहीं होना चाहिए। पुलिस से भी कोई मदद नहीं मिली, उल्टा हमें ही अपमानित किया गया।”
सवाल उठता है:
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क्या पर्यटन स्थलों पर ऐसे मनमाने सुरक्षा गार्ड खुलेआम गुंडागर्दी करेंगे?
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क्या पुलिस की प्राथमिकता मार खाए परिवार की सुनवाई करना है या आरोप लगाने वालों की रक्षा?
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क्या महिलाओं और बच्चों पर हाथ उठाना अब सामान्य हो गया है?
समय है, रीवा-सतना पुलिस प्रशासन को यह तय करना होगा कि कानून गुंडों का साथी बनेगा या आमजन का रक्षक।













