
रीवा, मध्यप्रदेश | रीवा शहर का कुख्यात कबाड़ी मोहल्ला, जिसे नशे का गढ़ माना जाता है, वहां पहली बार आईजी रैंक के किसी अधिकारी ने कदम रखा। मंगलवार की सुबह आईजी गौरव राजपूत ने भारी पुलिस बल के साथ इस इलाके में पैदल मार्च कर अवैध नशीली गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की। कबाड़ी मोहल्ले के जिस हिस्से में यह दबिश दी गई, वहां सालों से अवैध रूप से नशीली सिरप की बिक्री खुलेआम की जा रही थी।
आईजी गौरव राजपूत के नेतृत्व में तड़के सुबह 4 बजे कार्रवाई की गई, जहां पुलिस ने दो से तीन ठिकानों पर छापेमारी कर नशे के खिलाफ संदेश दिया। इस दौरान एक कुख्यात महिला तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त थी।
सालों से हो रहा था नशे का व्यापार, अब तक नहीं हुई ठोस कार्रवाई
चौंकाने वाली बात यह है कि यह मोहल्ला रीवा के एसपी ऑफिस, सिविल लाइन थाना और कंट्रोल रूम से सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर स्थित है, वहीं यातायात थाना तो महज 100 मीटर दूर है। इसके बावजूद यहां नशीली दवाओं का कारोबार बेखौफ चलता रहा। स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्व में छुटपुट कार्रवाइयां जरूर की गईं, लेकिन नशे के इस बाजार पर कभी लगाम नहीं लगाई जा सकी।
तीन तस्कर गिरफ़्तार, भारी मात्रा में सिरप बरामद
सीएसपी रितु उपाध्याय ने जानकारी दी कि इस कार्रवाई में पंकज लोनिया, रानी लोनिया और मनुआ लोनिया नामक तीन आरोपियों को कोरेक्स जैसी नशीली सिरप की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनसे भारी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप बरामद की गई है, हालांकि सटीक मात्रा की जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।
आईजी का सख्त संदेश: अब नहीं बख्शे जाएंगे नशा तस्कर
आईजी गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया कि उन्हें लगातार नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आगे भी ऐसे अड्डों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाहें आगे की कार्रवाई पर
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बड़ी कार्रवाई का कितना असर होता है। क्या वर्षों से फल-फूल रहे इस अवैध कारोबार पर लगाम लग पाएगी या फिर यह महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। जनता और शासन-प्रशासन की नजरें अब इस ओर टिकी हैं कि क्या यह दबिश एक निर्णायक मोड़ बनेगी या फिर नशे के सौदागरों का यह गढ़ ऐसे ही चलता रहेगा।
समाज की अपील:
अब वक्त आ गया है कि शासन-प्रशासन मिलकर इस ज़हर के व्यापार को पूरी तरह से बंद करें। आमजन का भी फर्ज़ है कि नशे के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें, और प्रशासन का साथ दें।













