
भोपाल | आपातकालीन सेवाओं के महत्व को एक बार फिर सिद्ध करते हुए, भोपाल जिले की 108 एंबुलेंस सेवा ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण पेश किया।
आज दिनांक 03 अगस्त को बगरोदा पाठर, भोपाल निवासी कविता अहिरवार, पत्नी अभिषेक अहिरवार (उम्र 26 वर्ष) को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। घबराए परिजनों ने बिना देर किए 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। जैसे ही कॉल सेंटर को अलर्ट मिला, तुरंत पीएस हुजूर क्षेत्र की एंबुलेंस (कोड: 4013) को रवाना किया गया।
एम्बुलेंस में तैनात इमर्जेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विजेंद्र अग्रवाल और पायलट पन्नालाल अहिरवार मौके पर पहुंचे और महिला को प्राथमिक जांच के बाद अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में कविता की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई, ऐसे में 108 टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कॉल सेंटर को जानकारी दी और परिजनों की सहमति लेने के बाद चलती एंबुलेंस में ही प्रसव कराने का निर्णय लिया।
स्टाफ की सतर्कता, प्रशिक्षण और मानवीय संवेदनशीलता की वजह से महिला ने सफलतापूर्वक एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। मां और नवजात को तत्परता से सीएचसी कैलाशनाथ कट्टजू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि 108 एंबुलेंस सेवा केवल आपातकालीन परिवहन ही नहीं, बल्कि जीवन रक्षक सेवा है, जो संकट की घड़ी में नई ज़िंदगी को भी सुरक्षित लाने की क्षमता रखती है।
एम्बुलेंस कर्मियों की सूझबूझ और तत्परता को पूरे क्षेत्र में सराहा जा रहा है, और स्थानीय निवासियों ने 108 स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित किया है।













