
भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार सामने आ रहे लव जिहाद और बालिकाओं के शोषण के मामलों को लेकर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कड़ा रुख अपनाया है। डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के सभी एडीजी, आईजी और एसपी को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि धार्मिक आधार पर किसी भी बालिका का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस बल को इस पर बेहद संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करनी होगी।
डीजीपी ने स्कूल-कॉलेजों के आसपास पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मजनूं किस्म के युवकों पर नजर रखी जा सके और उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्व जो बहला-फुसलाकर लड़कियों का शोषण करते हैं, उन पर तत्काल केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के कप्तानों को यह भी निर्देशित किया कि गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन हॉस्टल से निरंतर संपर्क में रहें। इसके लिए बीट अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो नियमित रूप से इन संस्थानों से समन्वय करें और किसी भी तरह की शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी प्रारंभिक शिकायत मिले तो उसे हल्के में न लें, बल्कि तत्काल गंभीरता से लेते हुए उचित और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे को प्राथमिकता दी जाए।
इसके साथ ही डीजीपी ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ राज्यव्यापी सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के पुलिस अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में ड्रग्स के हॉटस्पॉट्स और संवेदनशील इलाकों की पहचान करें। वहां योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए।
डीजीपी का यह संदेश प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मंशा को दर्शाता है। महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति को लेकर अब कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













