
**मऊगंज |** मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था अब भू-माफियाओं की दासी बनती नजर आ रही है। लौर थाने में **नए थाना प्रभारी राजेश पटेल** की आमद के बाद क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि अब माफिया राज पर लगाम लगेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। ग्राम कंजरा के किसान **योगेंद्र सिंह पिता बजरंग सिंह** की निजी भूमि (खसरा नंबर 184/2) पर **मोहम्मद तौफीक अंसारी** द्वारा सरेआम अवैध उत्खनन (खदान) किया जा रहा है और लौर पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही है। पीड़ित किसान योगेंद्र सिंह ने बीते 15 जनवरी 2026 को ही लौर थाना प्रभारी राजेश पटेल को लिखित शिकायत देकर अपनी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और उत्खनन की जानकारी दी थी। किसान का आरोप है कि माफिया उसे **’ऊपर के निर्देश’** का हवाला देकर डरा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या नए थाना प्रभारी राजेश पटेल भी उसी ‘अदृश्य निर्देश’ के आगे नतमस्तक हैं? अगर नहीं, तो हफ्तों बीत जाने के बाद भी आरोपी अंसारी पर FIR दर्ज क्यों नहीं हुई? क्यों आज भी किसान की जमीन को जेसीबी से छलनी किया जा रहा है? यह घटना मऊगंज पुलिस प्रशासन की साख पर एक बड़ा धब्बा है। एक तरफ किसान अपनी उपजाऊ जमीन और लाखों के आर्थिक नुकसान को लेकर दर-दर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की चुप्पी माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है। आज स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह खबर सिर्फ शुरुआत है। जब तक थाना प्रभारी राजेश पटेल अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अवैध उत्खनन बंद नहीं कराते और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं करते, तब तक यह खबर हर दिन प्रकाशित होगी और जिम्मेदारों की नींद हराम करती रहेगी।













