
मऊगंज। “मैं चुप रही, क्योंकि डराया गया था। धमकाया गया था। लेकिन अब और नहीं।” – यह शब्द उस महिला के हैं, जो एक ड्राइवर की हवस का शिकार बनी और सालभर तक खामोश रही। मऊगंज पुलिस ने इस सनसनीखेज रेप केस में आरोपी मोहम्मद समीर अहमद को सिर्फ 24 घंटे में गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता दर्ज की है। मऊगंज थाना क्षेत्र की यह घटना बताती है कि समाज में इंसान के रूप में छुपे भेड़िए किस तरह मासूम भरोसे को रौंदते हैं। आरोपी समीर अहमद हनुमना के वार्ड नंबर 11 का निवासी है, और ड्राइवरी के बहाने महिलाओं के संपर्क में आने की कोशिश करता था। पीड़िता के मुताबिक, समीर का आना-जाना उनके किराए के मकान में पहले भी होता रहा था। बातें मोबाइल तक पहुंचीं और फिर शुरू हुआ शोषण का लंबा खेल। पीड़िता ने खुलासा किया कि बीते साल 8-9 अक्टूबर को समीर ने फोन कर मिलने का दबाव बनाया। मना करने पर धमकी दी कि नहीं आई तो घर आ जाएगा। डर के कारण वह बाहर मिलने चली गई। समीर उसे कार में बैठाकर मिर्जापुर बायपास की तरफ अविला नाला ले गया और वहीं कार में बलात्कार किया।
दरिंदगी यहीं नहीं रुकी…
एक बार हवस पूरी करने के बाद आरोपी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। उसे ब्लैकमेल किया, जान से मारने की धमकी दी, और अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर बार-बार रेप करता रहा। यह सिलसिला महीनों चला। पीड़िता जब भी विरोध करती, समीर हिंसक हो उठता। यहां तक कि उसने महिला के जेवर भी छीन लिए, और मांगने पर मारपीट करने लगा। इस भयानक मानसिक और शारीरिक शोषण का अंत 25 मई को हुआ, जब समीर ने एक बार फिर बलात्कार किया। लेकिन इस बार पीड़िता ने चुप्पी तोड़ी। अपने पति को पूरी सच्चाई बताई, और 26 मई को मऊगंज थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया।
पुलिस की तत्परता, आरोपी की संपत्ति जब्त
थाना प्रभारी अनिल काकड़े के नेतृत्व में मऊगंज पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि समीर के पास 10 लाख रुपए की आर्टिगा कार (UP 80 DL 7762) और 50 हजार की डीलक्स बाइक (MP 06 M 9745) है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
अब सवाल उठता है…
समीर जैसे दरिंदे समाज में कितनी और महिलाओं को निशाना बना रहे हैं? क्या हमारे मोहल्ले, कस्बे, शहर में घूम रहे ये दरिंदे यूं ही भरोसे की चादर ओढ़े रहेंगे? क्या पीड़िताओं को अब भी डराया जाएगा, धमकाया जाएगा? पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जितनी सराहना की जाए, कम है। लेकिन अब समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। ऐसे अपराधियों को बहिष्कृत कर, पीड़िताओं को सुरक्षा और सम्मान देना होगा।
एक अपील –
यदि आपके आस-पास भी कोई महिला या बच्चा भय में जी रहा है, तो उसे चुप न रहने दें। ये चुप्पी ही अपराधी की सबसे बड़ी ताकत है। मऊगंज की इस बहादुर महिला ने दिखा दिया है कि डर के खिलाफ आवाज उठाई जा सकती है… और न्याय पाया जा सकता है।













