
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत तेंदुआ कोठार गांव के पास रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। छत्तीसगढ़ से प्रयागराज की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदती चली गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा शाम करीब 6 बजे हुआ जब गांव का एक व्यक्ति पानी से भरी बाल्टी लेकर साइकिल से सड़क पार कर रहा था। उसी दौरान तेज गति से आ रही स्कार्पियो गांव के पास जैसे ही पहुंची, चालक की नजर अचानक साइकिल सवार व्यक्ति पर पड़ी और उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। पहले कार ने साइकिल सवार को उछाल दिया, फिर उसी दिशा में सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल के पास मौजूद अन्य तीन लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। कार आगे बढ़ती रही और खेत में लगे बिजली के खंभे से जाकर जोरदार टकराई। टक्कर के बाद कार में सवार चालक और एक अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गए।
हादसे में मृतकों की पहचान राम नरेश साकेत, उनकी पत्नी रंजना साकेत और 12 वर्षीय बेटी रूचि साकेत के रूप में हुई, जो एक ही परिवार के सदस्य थे। चौथे मृतक की पहचान कमलेश सिंह के रूप में हुई है। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज रीवा के संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है।
दुर्घटना होते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने सड़क पर पड़े शवों को देखकर रीवा–प्रयागराज हाइवे को जाम कर दिया। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर गढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को शांत कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी शैलेन्द्र सिंह संजय गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि मृतकों के परिजनों को रेडक्रॉस से तत्काल सहायता के रूप में 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गांव में दर्द और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।













