ओरछा में बड़ी कार्रवाई, बबेड़ी जंगल की 5 करोड़ की जमीन अतिक्रमणमुक्त

निवाड़ी जिले की पर्यटन नगरी ओरछा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बबेड़ी जंगल की करीब ढाई से तीन एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। कलेक्टर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में लंबे समय से कब्जा जमाए बैठे अतिक्रमणकारियों के पक्के निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को जमींदोज कर प्रशासन ने जमीन को वापस अपने नियंत्रण में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, जिस जमीन को मुक्त कराया गया है उसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह जमीन बबेड़ी जंगल क्षेत्र में स्थित है और सरकारी भूमि पर धीरे-धीरे पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद न केवल जमीन का कब्जा मुक्त हुआ बल्कि अतिक्रमणकारियों को भी कड़ा संदेश मिला है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पर्यटन नगरी ओरछा की छवि को बचाने और सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह के अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें

जीते जी तो नरक झेला, अब मरने के बाद भी चैन नहीं!’ ग्राम पंचायत सीतापुर के डूडा दुआरी गाँव में 8 सालों से लटका है श्मशान घाट का निर्माण, गुस्साए ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

सिंगरौली से लापता हुआ 6-चक्का ट्रक मऊगंज के सीतापुर में मिला लावारिस; चोरों ने उड़ाया ₹50,000 का माल, 2 बैटरियां और 250 लीटर डीजल पार; GPS से तलाशते हुए यहाँ तक पहुँचे ट्रक मालिक, थाना प्रभारी राम सिंह का बयान भी आया सामने

मध्य प्रदेश में दिव्यांगों के संवैधानिक अधिकारों की धज्जियाँ! ‘बाबाजी विश्वनाथ’ बस संचालक ने दिव्यांग कार्ड दिखाने पर भी नहीं दी 50% किराए की छूट, वसूला पूरा किराया; क्या मोहन यादव सरकार की साख सिर्फ कागजों पर है?

मऊगंज कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस के सामने से पुलिस की ही 2 गाड़ियों की बैटरियां पार; 24 घंटे की सुरक्षा और सीसीटीवी के दावों की चोरों ने निकाली हवा, महकमे में मचा हड़कंप, जनता पूछ रही— ‘जब पुलिस खुद सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या होगा?’