गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम ने BJP जिला उपाध्यक्ष का पद ठुकराया

मऊगंज में भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी की घोषणा रविवार को कर दी गई।  आठ उपाध्यक्षों के नाम घोषित किए, जिनमें सबसे ऊपर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और देवतालाब विधायक गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम का नाम शामिल रहा। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि राहुल गौतम ने इस पद को स्वीकारने से इंकार कर दिया और इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखकर अपनी नियुक्ति आदेश को वापस लेने की मांग की है।

राहुल गौतम ने पत्र में लिखा कि वे पहले भी संगठन में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, इसलिए इस अवसर को किसी और योग्य कार्यकर्ता को दिया जाना चाहिए। उन्होंने संगठन पर विश्वास जताने के लिए प्रदेश नेतृत्व, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, संगठन प्रभारी रणवीर रावत और जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा का आभार व्यक्त किया। लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया कि वे उपाध्यक्ष का दायित्व नहीं लेना चाहते।

राहुल गौतम का नाम कार्यकारिणी की सूची में सबसे पहले दर्ज किया गया था। कार्यकारिणी में तीन महामंत्री, सात मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, सह-कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री, मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी, सोशल मीडिया जिला संयोजक और आईटी सेल संयोजक भी घोषित किए गए।

अपने पत्र में राहुल ने लिखा कि हजारों कार्यकर्ता संगठन को मजबूती देने के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते हैं। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से प्रयास करता है। ऐसे में संगठन में पद सीमित होते हैं और सभी को एक साथ अवसर मिलना संभव नहीं होता। इसीलिए वे चाहते हैं कि यह जिम्मेदारी किसी अन्य कार्यकर्ता को सौंपी जाए।

राहुल के इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे संगठन में उपाध्यक्ष से अधिक जिम्मेदारी की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन जब उन्हें अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो उन्होंने उपाध्यक्ष पद ठुकरा दिया। अब देखना होगा कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व उनकी इस पेशकश को किस तरह से लेता है और आगे किसे यह दायित्व सौंपा जाता है।

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