
मऊगंज हाईवे सोमवार सुबह उस समय चीख-पुकार से गूंज उठा जब एक दर्दनाक सड़क हादसे में कई स्कूली बच्चे घायल हो गए। यह भीषण टक्कर होटल रॉयल गैलेक्सी के पास हुई, जहाँ रीवा से हनुमना की ओर जा रही द्विवेदी ट्रैवल्स की बस (क्रमांक MP 17P 0960) ने स्कूली बच्चों से भरी बोलेरो (क्रमांक MP 42D 0282) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बोलेरो में सवार सभी बच्चे एक निजी स्कूल के छात्र बताए जा रहे हैं, जो स्कूल जा रहे थे। टक्कर के बाद बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को मऊगंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार किया गया। कुछ बच्चों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
मऊगंज पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर मऊगंज जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि मऊगंज क्षेत्र में चल रहे अधिकांश स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट और बीमा की जांच नहीं की जा रही। इससे बच्चों की सुरक्षा को गम्भीर खतरा बना हुआ है। इंडिया हैडलाइन 24 ने पहले भी इस गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की निष्क्रियता अब एक-एक कर हादसों में बदल रही है।
क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? यह सवाल अब हर उस माता-पिता के मन में उठ रहा है जो रोज अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं। हादसे के बाद मऊगंज क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी प्राइवेट स्कूल वाहनों की जांच कराई जाए, और बिना फिटनेस व बीमा के चलने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
मऊगंज जैसे नवगठित जिले में इस तरह की लापरवाही भविष्य में और भी गंभीर परिणाम ला सकती है। ज़रूरत है कि प्रशासन इस हादसे को चेतावनी के रूप में लेकर सख्त कदम उठाए, ताकि मासूम बच्चों की जान को जोखिम में डालने वालों पर लगाम कसी जा सके।













