मऊगंज न्यूज़: “तेरे लिए 500 की गोली खर्च नहीं करूंगा…” खनिज माफिया की दबंगई, कलेक्ट्रेट पहुंची 80 साल की बुजुर्ग महिला!

मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आँखों में आँसू, हाथों में बेबसी और दिल में अपना आशियाना बचाने की आखिरी उम्मीद लेकर एक 80 वर्षीय बुजुर्ग आदिवासी महिला के साथ दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीण मऊगंज कलेक्ट्रेट की चौखट पर पहुंचे। बुजुर्ग महिला की कलेक्ट्रेट परिसर में हाथ जोड़कर लगाई गई ‘साहब, हमारा घर बचा लो’ की करुण पुकार इस वक्त पूरे अंचल में चर्चा का विषय बनी हुई है।

“तेरे लिए 500 की गोली थोड़ी खर्च करूंगा” — माफिया की सरेआम धमकी

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में सक्रिय खनिज माफिया सरेआम हथियारों के बल पर आदिवासियों को डरा-धमका रहा है। आदिवासियों ने जब एक रसूखदार से गांव में राइफल लेकर घूमने पर आपत्ति जताई, तो उसने कथित तौर पर अहंकार में डूबकर कहा— “राइफल मेरी सुरक्षा के लिए है, तेरे लिए 500 रुपए की गोली थोड़ी खर्च करूंगा।” माफिया की यह दबंगई बताती है कि मऊगंज के इस आदिवासी अंचल में रसूखदारों के हौसले कितने बुलंद हैं।

थाली में गिरते हैं पत्थर, मासूम बच्चे पेड़ों के नीचे गुजार रहे दिन

कलेक्ट्रेट पहुंची बुजुर्ग महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा कि जब वे घर में खाना खाने बैठते हैं, तो पास में होने वाली हैवी ब्लास्टिंग (Heavy Blasting) के पत्थर सीधे उनकी थाली में आकर गिरते हैं। ब्लास्टिंग के समय जबरन उन्हें हाथ पकड़कर घरों से बाहर निकाल दिया जाता है। नवजात और दूधमुंहे बच्चे भारी पत्थरों की बौछार से अपनी जान बचाने के लिए तपती धूप में किलोमीटर दूर पेड़ों के नीचे दिन गुजारने को मजबूर हैं। महिला का यह भी आरोप है कि जो भी अधिकारी या रसूखदार मदद के लिए आता है, वह पैसे लेकर वापस लौट जाता है।

स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध उत्खनन का आरोप

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर हरियाणा के ‘सिद्धिविनायक स्टोन क्रशर’ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह क्रशर सीधी जिले के हरदी में स्थापित है। आरोप है कि इस क्रशर के पास खुद की कोई वैध खदान नहीं है, जिसके कारण यह मऊगंज जिले के सरदमन गांव में स्थित ‘बालाजी माइंस’ से पत्थर लेता है। लेकिन अब नियमों को ताक पर रखकर स्वीकृत क्षेत्र से बाहर, उस जगह पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है जहाँ सालों से आदिवासी परिवार बसे हुए हैं। ग्रामीणों ने चिंटू सिंह, सोनू सिंह, रणवीर सिंह और कल्लू सिंह नामक व्यक्तियों पर रिवाल्वर दिखाकर डराने और नियम विरुद्ध ब्लास्टिंग करने के आरोप लगाए हैं।

वरदान से अभिशाप बना काला पत्थर, टीबी जैसी बीमारियों का खतरा

मऊगंज का जो काला पत्थर कभी इस क्षेत्र के लिए वरदान माना जाता था, वह आज इन गरीबों के लिए अभिशाप बन चुका है। धूल और प्रदूषण के कारण इस इलाके की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि यहाँ सांस लेना भी दूभर है। कई स्थानीय ग्रामीण टीबी (Tuberculosis) जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि यहाँ की आधी आदिवासी आबादी पहले ही पलायन कर चुकी है।

इस पूरे मामले पर जब माइनिंग अधिकारी दीपमाला तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और टीम भेजकर पूरी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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