
उमरिया | दुनिया भर में बाघों के घर के रूप में विख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों का दिल जीत लिया है। ताला जोन में सफारी के दौरान पर्यटकों को उस समय एक जादुई अनुभव हुआ, जब बाघिन ‘चक्रधरा’ अपने चार नन्हे शावकों के साथ बीच रास्ते पर आ गई।
रोमांच की पराकाष्ठा: मां और बच्चों की अनोखी जुगलबंदी
सैलानियों ने बताया कि यह दृश्य किसी फिल्म के सीन जैसा था। घने जंगलों के बीच से शान से निकलती बाघिन और उसके पीछे-पीछे छोटे-छोटे कदमों से चलते चार शावक। शावक कभी मां के पैरों से लिपटते तो कभी झाड़ियों में लुक-छिप का खेल खेलते दिखे। पर्यटकों ने सांसें रोककर इस अद्भुत नजारे को देखा और अपने कैमरों में कैद किया।
वन विभाग ने बताया ‘सुखद संकेत’
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, बाघिन और उसके सभी शावकों का स्वस्थ और सक्रिय होना रिजर्व के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि पार्क के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) पूरी तरह संतुलित है।
प्रमुख बिंदु :
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सफारी जोन: ताला जोन (टाइगर साइटिंग का गढ़)।
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विशेष साइटिंग: चक्रधरा बाघिन और उसके 4 नन्हे शावक।
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बढ़ा पर्यटन: गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाघों के दिखने की संभावना बढ़ गई है, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।













