
रीवा | मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आह्वान पर रीवा जिले के पटवारियों ने आज मोर्चा खोल दिया है। अनूपपुर जिले में पटवारियों के खिलाफ कलेक्टर द्वारा अपनाए गए कथित मनमानी और तानाशाही पूर्ण रवैये के विरोध में रीवा के पटवारियों ने प्रमुख सचिव राजस्व और सीएलआर के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अनूपपुर के पटवारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी 25 और 26 फरवरी को रीवा सहित पूरे प्रदेश के पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
अनूपपुर कलेक्टर पर गंभीर आरोप:
पटवारी संघ के अनुसार, अनूपपुर जिले में पटवारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप है कि जैतहरी तहसील के पटवारियों का जुलाई 2025 से वेतन रोका गया है और लोकसेवा अधिनियम के तहत 2.64 लाख रुपये से अधिक का नियम विरुद्ध अर्थदंड लगाया गया है। इसके अलावा, बिना किसी ठोस कारण के 30 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है।
महिला पटवारियों की सुरक्षा और तनाव का मुद्दा:
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि देर रात 10 बजे तक महिला पटवारियों की मीटिंग ली जाती है और अवकाश के दिनों में भी काम का अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे कर्मचारी तनावग्रस्त हैं। विभिन्न योजनाओं (लघु सिंचाई, कृषि संगणना, स्वामित्व) का बजट होने के बावजूद वर्षों से भुगतान अटका हुआ है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी:
अनूपपुर में जारी कलमबंद हड़ताल के समर्थन में अब रीवा के पटवारी भी कूद पड़े हैं। 25 और 26 फरवरी को सामूहिक अवकाश के दौरान सभी जिलों के जिलाध्यक्ष अनूपपुर कलेक्ट्रेट का घेराव कर सकते हैं। यदि 27 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश भर के पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी:
ज्ञापन सौंपने के दौरान संभागीय अध्यक्ष श्री जवाहरलाल शुक्ला, जिलाध्यक्ष श्री अनन्त प्रताप सिंह, जिला सचिव रवि विश्वकर्मा सहित अमित मिश्रा, संतोष पांडेय, अनिल मिश्रा और अन्य कई पटवारी उपस्थित रहे।













