
मध्यप्रदेश विधानसभा के भीतर कोल ब्लॉक और अदाणी समूह के मुद्दों पर मची रार अब सड़कों पर आ गई है। मऊगंज जिले में शुक्रवार शाम कांग्रेस और युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनका पुतला दहन किया। यह उग्र प्रदर्शन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खिलाफ मंत्री द्वारा की गई कथित ‘मर्यादाहीन’ टिप्पणी के विरोध में किया गया। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने जिले के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
घटनाक्रम की शुरुआत विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुई, जहाँ कोल ब्लॉक आवंटन और अदाणी ग्रुप को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही थी। कांग्रेस का आरोप है कि चर्चा के दौरान जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरने की कोशिश की, तो कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपा खो दिया और उन्हें ‘औकात में रहने’ जैसी आपत्तिजनक नसीहत दे डाली।
इसी ‘कथित अपमान’ का बदला लेने के लिए शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मऊगंज का हृदय स्थल नारों से गूंज उठा। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन इतना उग्र था कि बीच चौराहे पर पुतला दहन के दौरान पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल जिलाध्यक्ष हरिलाल कोल और युवक कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने दो-टूक कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। यह केवल उमंग सिंघार का अपमान नहीं, बल्कि समूचे आदिवासी समाज और प्रदेश की जनता का अपमान है। ब्लॉक अध्यक्ष मृत्युंजय चतुर्वेदी सहित संगठन के तमाम दिग्गज पदाधिकारियों ने इस दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
मऊगंज में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर की लड़ाई सड़कों पर और भी तेज होगी। कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कैलाश विजयवर्गीय सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो यह आंदोलन मऊगंज की सीमाओं को लांघकर पूरे प्रदेश में फैलेगा। फिलहाल, इस घटना ने जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक कड़वाहट को और बढ़ा दिया है। देखना होगा कि सत्ता पक्ष इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देता है।













