
खेल डेस्क | आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ ज़िम्बाब्वे ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। 19 फरवरी को खेले गए रोमांचक मुकाबले में ज़िम्बाब्वे ने मेजबान श्रीलंका को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही ज़िम्बाब्वे ग्रुप-B में टॉप पर रहते हुए ‘अजेय’ (Unbeaten) तरीके से सुपर-8 में पहुँच गया है। श्रीलंका जैसी मजबूत टीम को उनके घर में पटखनी देकर ज़िम्बाब्वे ने खिताब के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
सांस रोक देने वाला मुकाबला और ऐतिहासिक चेस
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 178 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था। श्रीलंका की ओर से पाथुम निसांका ने 62 और पवन रत्नायके ने 44 रनों की आक्रामक पारियां खेलीं। लेकिन 179 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की टीम ने इरादे साफ कर दिए थे। ब्रायन बेनेट ने 48 गेंदों पर नाबाद 63 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, वहीं कप्तान सिकंदर रज़ा ने मात्र 26 गेंदों में 45 रन ठोक कर श्रीलंका के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। ज़िम्बाब्वे ने यह लक्ष्य 19.3 ओवर में ही हासिल कर लिया।
सिकंदर रज़ा बने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’
ज़िम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे कप्तान सिकंदर रज़ा, जिन्हें उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इस टूर्नामेंट में श्रीलंका की यह पहली हार है। हालांकि दोनों टीमें सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन ज़िम्बाब्वे के इस ‘अजेय’ सफर ने बड़ी टीमों के पसीने छुड़ा दिए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ज़िम्बाब्वे इसी लय में रहा, तो वह इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा ‘डार्क हॉर्स’ साबित हो सकता है।













