
रीवा जोन में अपराध और नशे के विरुद्ध चल रही मुहिम को एक और तीव्रता मिली जब “आपका आईजी आपके द्वार” कार्यक्रम के तीसरे चरण में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री गौरव राजपूत ने आज जिले के मनिकवार चौकी में जन चौपाल लगाई। जनता के बीच सीधे पहुंचकर संवाद करने और पुलिस-जनता के बीच की दूरी को पाटने की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अब पुलिस सिर्फ शिकायत सुनने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज को बदलने की जंग में सबसे आगे खड़ा सिपाही है।

आईजी गौरव राजपूत की मौजूदगी में आयोजित यह जन चौपाल सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपराधियों और नशे के सौदागरों के लिए एक खुली चेतावनी थी। कार्यक्रम में आईजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा – “जो युवा पीढ़ी को नशे में धकेल रहे हैं, जो समाज में जहर घोल रहे हैं, अब उनकी खैर नहीं। चाहे कोरेक्स हो या ब्राउन शुगर, गांजा हो या अफीम – इनके सौदागरों को अब समाज की भी और पुलिस की भी सज़ा मिलेगी।”
आईजी ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में चल रहे अवैध नशे के कारोबार की जानकारी पुलिस को गोपनीय रूप से उपलब्ध कराएं। इसके लिए विशेष मोबाइल नंबर 9479997336 भी साझा किया गया, जिस पर अपराधियों के नाम, मोबाइल नंबर, वाहन नंबर और उनकी कार्यशैली की सूचना भेजी जा सकती है। राजपूत ने यह भी आश्वासन दिया कि “सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। डरने की ज़रूरत नहीं, अब वक्त है खड़े होने का।”

जन चौपाल में साइबर अपराधों पर भी गहन चर्चा हुई। आईजी ने बताया कि किस तरह भोली-भाली जनता को ऑनलाइन ठगों का निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा – “सिर्फ स्मार्टफोन होने से कोई स्मार्ट नहीं हो जाता। जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की टिप्स दी गईं और ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
आईजी ने बताया कि मैहर और मऊगंज में आयोजित पूर्व जन चौपालों के माध्यम से जो जनसहयोग प्राप्त हुआ, उससे पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं और कई मामलों में सफलता भी हासिल हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि मनिकवार की जनता से भी वही सहयोग मिलेगा और यह क्षेत्र अपराध व नशा मुक्त बनकर एक नई मिसाल पेश करेगा।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह जन-भागीदारी से ओतप्रोत था। आईजी राजपूत की बातों में आक्रोश भी था, चेतावनी भी, लेकिन सबसे ऊपर थी समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की प्रतिबद्धता। जनता ने भी खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं और पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
, “आपका आईजी आपके द्वार” केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक सोच है – एक ऐसी सोच, जिसमें पुलिस और जनता साथ मिलकर समाज से अपराध और नशे को जड़ से मिटाने का संकल्प लेती है। मनिकवार की यह जन चौपाल उसी संकल्प की तीसरी कड़ी थी, लेकिन इसकी गूंज बहुत दूर तक जाएगी – हर उस जगह तक, जहां अभी भी नशे और अपराध की चुप्पी पसरी हुई है।













