मनगवां नगर परिषद में सियासी भूचाल: अध्यक्ष ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग

रीवा जिले की मनगवां नगर परिषद में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर परिषद अध्यक्ष बुटला कमलेश बंसल द्वारा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री (भोपाल) को लिखे गए पत्र के सार्वजनिक होने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। पत्र में मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

विधानसभा में प्रश्नों के जरिए दबाव बनाने का आरोप

अध्यक्ष द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि विधायक की ओर से नगर परिषद के विरुद्ध लगातार विधानसभा में प्रश्न लगाए जा रहे हैं। पत्र के अनुसार प्रश्न क्रमांक 73 सहित कई प्रश्नों के माध्यम से परिषद को कटघरे में खड़ा किया गया है। वर्तमान विधानसभा सत्र में प्रश्न क्रमांक 1163, 743 तथा इससे पूर्व 3009 के जरिए भी परिषद एवं पार्षदों के विरुद्ध शिकायतें उठाई गई हैं।

अध्यक्ष का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने की मंशा से की जा रही है, जिससे परिषद के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

परिषद में भाजपा का बहुमत, फिर भी टकराव

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मनगवां नगर परिषद में वर्तमान में भाजपा के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित कुल 8 पार्षद निर्वाचित हैं। वर्ष 2004 से पूर्व भी यहां भाजपा का नेतृत्व रहा है, जबकि वर्ष 2022 में भी भाजपा समर्थित अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। परिषद इस समय अनुसूचित जाति वर्ग की महिला अध्यक्ष के नेतृत्व में संचालित हो रही है।

ऐसे में एक ही दल से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच टकराव ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

पैसों की मांग का आरोप, मामला हुआ गंभीर

अध्यक्ष बुटला कमलेश बंसल ने अपने पत्र में विधायक पर पैसों की मांग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि मांग पूरी न होने की स्थिति में नगर परिषद और पार्षदों के विरुद्ध उच्च स्तर पर शिकायतें की जाती हैं। अध्यक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति करार दिया है।

इस आरोप के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक से अधिक नैतिक और संगठनात्मक स्तर पर भी गंभीर माना जा रहा है।

संगठन से निष्पक्ष जांच की मांग

अध्यक्ष ने प्रदेश संगठन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं पर पड़ सकता है।

विधायक का पक्ष: आरोप निराधार

जब इस विषय पर विधायक नरेंद्र प्रजापति से संपर्क किया गया तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने भोपाल आए हैं और उन्हें भी पत्र की जानकारी मिली है।

विधायक के अनुसार, उन्हें लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर वर्ष 2018 से 2026 के बीच नगर परिषद में हुए निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी गई है। उनका कहना है कि कुछ कार्यों में अनियमितता की संभावना को देखते हुए उन्होंने जानकारी तलब की थी, जिससे नाराज होकर अध्यक्ष ने यह पत्र लिखा है।

पत्र वायरल, राजनीति गरमाई

पत्र के सार्वजनिक और वायरल होते ही मनगवां की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। फिलहाल अध्यक्ष की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। पूरे प्रकरण पर अब संगठन और जांच की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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